चंडीगढ़ में वर्ष 2024 में हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चंडीगढ़ पुलिस ने कांग्रेस विधायक परगट सिंह और पार्टी के 14 अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी है। यह मामला 20 फरवरी 2024 को सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। अब अदालत तय करेगी कि एफआईआर को रद्द किया जाए या नहीं। इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस एफआईआर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 188, 186, 332 और 352 के तहत दर्ज की गई थी। आरोप था कि नेताओं और समर्थकों ने जिला मजिस्ट्रेट, चंडीगढ़ द्वारा जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया और पुलिस के साथ हाथापाई की, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। कांग्रेस नेताओं ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ कथित बल प्रयोग का विरोध करते हुए यह प्रदर्शन आयोजित किया था। पार्टी कार्यकर्ता हरियाणा मुख्यमंत्री के आवास की ओर बढ़ रहे थे। एफआईआर एएसआई करन सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी। उन्होंने बयान दिया था कि वह हरियाणा सीएम हाउस के सामने ड्यूटी पर तैनात थे। उनके अनुसार, झंडे लेकर आए लोगों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इन नेताओं के नाम थे शामिल एफआईआर में परगट सिंह के अलावा सुखविंदर सिंह कोटली, वरिंदर सिंह ढिल्लों, सुमित सिंह, खुशबाज जट्टन, लखविंदर सिंह, चुसपिंदर बीर चहल, हरमन सेखों, सिकंदर बूरा, सचिन नैन, उदयवीर ढिल्लों, सुरजीत सिंह, अंगद सिंह, संजीव शर्मा और करनैल सिंह के नाम शामिल थे। करीब दो साल तक चली जांच के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 अप्रैल 2026 के लिए तय की है और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है।