पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के हजारों पेंशनरों को राहत देते हुए सरकार को आदेश दिया है कि वर्षों से लंबित संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ता (डीए) का एरियर का भुगतान किया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि यह लाभ सिर्फ याचिका दायर करने वालों को ही नहीं, बल्कि सभी पात्र पेंशनरों को मिलेगा। हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि 3 माह के अंदर आदेश के पालन की रिपोर्ट जिम्मेदार अधिकारी के शपथपत्र के माध्यम से अदालत में दाखिल की जाए।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आदेश के पालन में किसी प्रकार की ढिलाई बरती जाती है तो प्रभावित पेंशनर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की कार्यवाही के लिए दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। 2016 से लंबित एरियर देने के निर्देश मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने कहा कि जब राज्य सरकार संशोधित पेंशन और डीए लागू कर चुकी है तो पात्र पेंशनरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की थी कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की संशोधित पेंशन के एरियर और 1 जुलाई 2015 से केंद्रीय पैटर्न के अनुसार संशोधित डीए का भुगतान किया जाए। साथ ही देरी से भुगतान पर ब्याज देने की भी मांग की गई थी। पेंशनरों ने दायर की थी याचिका यह याचिका पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड तथा राज्य के विभिन्न बोर्डों और निगमों से सेवानिवृत्त पेंशनरों द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अदालत को बताया कि 2016 से लंबित एरियर की प्रतीक्षा करते-करते अब तक 35 हजार से अधिक पेंशनरों का निधन हो चुका है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि बढ़ती उम्र, चिकित्सा खर्च और महंगाई के कारण पेंशनरों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा संशोधित वेतन और डीए को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। अदालत ने 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों और राज्य सरकार द्वारा 2021 में अधिसूचित संशोधित वेतन नियमों का भी उल्लेख किया।