पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के रेवेन्यू मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां पर गभीर आरोप लगे हैं। होशियारपुर की जैलदार इनोवेशन नाम की फर्म के मालिक मलकीत सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री ने उनसे ट्रॉली खरीदी और 6 लाख रुपए नहीं दिए। वह पेमेंट मांगने गया तो मंत्री ने कहा कि इतना तो मेरा कमीशन है। मंत्री ने उसकी फैक्ट्री में हिस्सा मांगा। इनकार किया तो झूठी शिकायतें करवानी शुरू कर दीं। गैंगस्टरों को हमारे पीछे लगा दिया। फैक्ट्री बंद करवा दी। मलकीत ने कहा कि इससे उसके बच्चों का स्कूल छूट गया। मलकीत ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू और भाजपा MLA जंगीलाल महाजन के साथ चंडीगढ़ में कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं। यह मामला तब उजागर हुआ, जब एक कॉन्फ्रेंस कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई। जिसके बाद मलकीत ने दावा किया कि इसमें उसकी बात मंत्री हरदीप मुंडियां से ही हो रही है। इसके अलावा इसमें अजनाला से AAP विधायक कुलदीप धालीवाल की भी आवाज है। इस मामले में दैनिक भास्कर ने मंत्री मुंडियां और विधायक धालीवाल से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। जिस वजह से उनका पक्ष अभी सामने नहीं आ पाया है। वायरल कॉल रिकॉर्डिंग में क्या बात हो रही, फैक्ट्री मालिक ने क्या-क्या हो, ये जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… पढ़िए..वायरल रिकॉर्डिंग में क्या बात हो रही.. मुंडियां: मैंने तेरे से पूछा था कि धालीवाल साहब ने कितने पैसे देने हैं। बात हुई थी न तेरे से।
मलकीत: नहीं जी, मैं अभी कहीं बैठा हूं बाद में बात करते हैं। मुंडियां: नहीं-नहीं काका, तू बिल बता। सारे गांव में बदनामी करवा दी है। मुंडियां से पैसे लेने हैं। तूने मेरे को कौन सी ट्रॉली दी है।
मलकीत: नहीं भाई जी। मैंने किसको कहा है। तुम मेरी बात तो सुनो। आप बताओ किसे कहा। धालीवाल: ओ प्रधान जी मेरी बात सुनो। मुंडियां साहब सुनो। क्या नाम है भाई का।
मुंडियां: मलकीत। धालीवाल: मलकीत जी मैं तुमको कैश दे देता हूं।
मलकीत: हरदीप भाई जी का मान करता हूं। मेरी भी सुनो। मैंने आपका इतना मान रखा। तुम्हारे गांव में पिछले 6 महीने में कोई ऐसा डिपार्टमेंट नहीं है, जहां तुमने मेरी शिकायत नहीं की। कभी डिप्टी को, कभी डीसी को, कभी पॉल्यूशन डिपार्टमेंट को। हमने क्या गलत कर दिया। मुंडियां: तूने सारा गांव परेशान किया है। मैं गांव वालों की न सुनूं।
मलकीत: किसे परेशान किया है। मुंडियां: पूरी पंचायत ही परेशान है। पंचायत की जमीन का ठेका ही नहीं दे रहा। एक किला और ले लिया।
मलकीत: पंचायत का ठेका तो दे रहा हूं। कौन सा किला ले लिया। पांच लोगों की पंचायत थोड़ा होगी। आप गांव आकर लोगों को पूछो। धालीवाल: चल सारी बातें छोड़, मंत्री साहब के साथ बैठकर बात कर ले।
मलकीत: सर वो बात नहीं है। मेरी बात सुनो। गांव में आओ ओर लोगों को पूछो कि कौन परेशान है। सभी ने साइन करके दिए हैं। अगर कोई बात है तो बताओ। अगर वो गोली मारने आए तो आपने उनकी मदद की। गैंगस्टर आए तो आपने उनकी मदद की। बताओ मैंने क्या गलत किया। धालीवाल: तू मेरी बात सुन भाई। मैंने तेरी मदद की है।
मलकीत: मैं आपको नहीं कह रहा हूं। तुम आते हो तो हम ढोल बजाते हैं सब कुछ करते हैं। आपका मान करते हैं। देबे के पीछे कौन चलता है, गांव आकर पता करो। वोट डलवाकर देख लो। सरकार कह रही है फैक्ट्रियां लगवाओ, ये फैक्ट्रियां बंद करवाने पर लगे हैं। धालीवाल: अरे तू बात तो सुन ले। तू क्यों ऐसा कर रहा है।
मलकीत: मैं तो भगवंत मान साहब को मिलूंगा। मीडिया में हल्ला करूंगा। मुंडियां: धालीवाल साहब क्या कह रहा है ये?
मलकीत: सर मैं यह कह रहा हूं कि मैंने आपके लिए क्या गलत किया? धालीवाल: अगर नहीं किया तो कोई बात नहीं चुप हो जा यार।
मलकीत: नहीं, सरकार तो कह रही है फैक्ट्री लगाओ और आप बंद करवाने पर तुले हैं। मुंडियां: तू पैसे बता।
धालीवाल: मंत्री साहब बैठ के बात कर लो यार। कितनी सी बात है। मुंडियां: इससे मेरा न लेना न देना। इसने चाली बनाई। पैसे आपने लिए हैं, नाम मेरा लगा रहा है।
मलकीत: लगवाओ जी। छह महीने हो गए। मेरी मिट्टी पलीत कर ली। मैं तो हल्ला करूंगा। सीएम साहब को मिलूंगा। मुंडियां: मैंने पूरे गांव की सुननी है।
मलकीत: मैं बाहर का हो गया हूं बताओ। गांव में आकर वोट डलवाकर देख लो। दो करोड़ रुपए टैक्स देते हैं। आपका क्या गलत किया है। कभी डीसी को कहते हैं कि गांव में धरना लगा दो, कभी गैंगस्टरों की मदद कर रहे हो। मुंडियां: तू ट्रॉली के पैसे बता कितने हैं?
मलकीत: बता दूंगा जी। मुंडियां: धालीवाल साहब इसको कहो तू अपना बिल बता और पैसे ले ले।
मलकीत: मैंने धालीवाल साहब को नहीं दी ट्रॉली। आपको दो साल पहले दी है। धालीवाल: तू बिल दे दे। कोई बात नहीं हम कर लेंगे।
मलकीत: कोई बात नहीं। मैं गुरमीत को पूछ के बताता हूं। आपका मान करते हैं। मुंडियां: कोई बात नहीं, तेरा मान देख लिया।
मलकीत: मान अभी करना है। अभी तो कुछ नहीं किया। मीडिया में हल्ला करूंगा। मुंडियां: कर ले मीडिया में हल्ला करना है तो कर ले। मुझे कौन रास्ता पता नहीं है। तेरे वरगे रोज @#$#@%हूं मैं धालीवाल: मलकीत ऐसी बात नहीं करनी। कोई बात नहीं।
मलकीत : भाई साहब ये बातें करने वाली नहीं हैं। मुंडियां: तेरे कोई पैसे देने हैं बता।
मलकीत: आज 2 साल बाद बात क्यों याद आई। 2 साल में तुमने मिट्टी करके रख दी। गोली मारने आए उनका साथ दिया। गैंगस्टर आए उनका साथ दिया। हरगोबिंदपुरा वाले गोली मारने आए, तुमने डिप्टी को कहा इस पर पर्चा करो। मुडियां: मैंने किसी को फोन नहीं किया। मैं सेवा करता हूं। तूने सारा गांव दुखी किया है।
मलकीत: पंचायत की पैड़ी तुमने दबाई नहीं है। (नोट: बातचीत में नाम कॉल रिकॉर्डिंग को लेकर किए दावे के आधार पर लिखे गए हैं। दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता) इस मामले में ट्रॉली वाले ने क्या कहा… मंत्री ने फोन नहीं उठाया, ये सवाल पूछना चाहता था भास्कर… रिकॉर्डिंग पर बिट्टू ने ये बड़ी बातें कहीं… बिट्टू ने सोशल मीडिया वीडियो पोस्ट किया केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि दावे निवेश के, हकीकत धमकियों की। एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान जी बड़े-बड़े निवेश के दावे करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ उनके अपने मंत्री और विधायक कारोबारियों को खुलेआम गालियां दे रहे हैं और धमका रहे हैं। हरदीप मुंडियां द्वारा PTO ट्रॉली इनोवेटरों के साथ की गई बदसलूकी यह साबित करती है कि पंजाब में ‘बदलाव’ नहीं, बल्कि ‘अराजकता’ आ चुकी है। क्या ऐसे माहौल में कोई निवेशक खुद को सुरक्षित महसूस करेगा? मुख्यमंत्री जी, क्या यही है आपके ‘रंगला पंजाब’ की तस्वीर? पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया की पोस्ट… खैहरा बोले- भगवंत मान पर कार्रवाई करें कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो का एक हिस्सा पोस्ट करते हुए लिखा कि वीडियो पंजाब के मुकेरियां के इनोवेटिव उद्यमी मलकीत सिंह का है, जिन्होंने 200 से अधिक लोगों को रोजगार दिया है और राज्य को करोड़ों रुपए का टैक्स भी दिया है। इस वीडियो में आम आदमी पार्टी के मंत्री हरदीप मुंडियां पर डराने-धमकाने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, उगाही करने और पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जे जैसे आरोप लगाए गए हैं। क्या अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान इस मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे? क्या आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार इसी तरह राज्य में निवेश आकर्षित करना चाहती है?