पंजाब-चंडीगढ़ में ठंड बढ़ी:धुंध छाई; फरीदकोट सबसे ठंडा 4°C; बारिश की संभावना नहीं; ज्यादातर शहरों का AQI 100 से ऊपर

पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड बढ़ गई है। कई इलाकों में सुबह-शाम हल्की धुंध भी पड़ रही है। इलाके में सूखी हवाएं चल रहीं हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री की कमी आई है, जो अब सामान्य के करीब पहुंच गया है। सभी जिलों में न्यूनतम तापमान गिरा है। वहीं, सबसे ठंडा जिला फरीदकोट रहा है, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री दर्ज किया गया है। तीन दिन रात के तापमान में नहीं आएगा अंतर
मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों में किसी तरह की बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम शुष्क रहेगा। कुछ इलाकों में हल्की धुंध पड़ सकती है। वहीं, रात का तापमान लगभग जैसा चल रहा है, वैसा ही बना रहेगा। इसमें किसी तरह का बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। वहीं, अगले दो दिन दिल्ली-अंबाला हाईवे और अंबाला-अमृतसर हाईवे पर मौसम बिल्कुल साफ रहेगा। आवाजाही पर किसी तरह का असर पड़ने की संभावना नहीं है। पंजाब के सभी शहरों की हवा प्रदूषित
पंजाब की हवा इस समय काफी प्रदूषित चल रही है। रूपनगर को छोड़कर सभी शहरों का AQI 100 से अधिक चल रहा है। मंडी गोबिंदगढ़ की हवा सबसे प्रदूषित है। अमृतसर का AQI सुबह छह बजे 196 दर्ज किया गया है, जबकि बठिंडा का AQI 159, जालंधर का AQI 133, खन्ना का AQI 142 तक पहुंच गया है। इसी तरह लुधियाना का AQI 122, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI 213, पटियाला का AQI 135 और रूपनगर का AQI 62 दर्ज किया गया है। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-22 और सेक्टर-55 का AQI 155 और सेक्टर-53 का AQI 153 दर्ज किया गया है। ऐसे में लोगों को अपना ख्याल रखना होगा। चंडीगढ़ आठ सात बाद रातें हुई ठंडी चंडीगढ़ में सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री था, जो मंगलवार को गिरकर 7.9 डिग्री रह गया। यह सामान्य से 3 डिग्री कम हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति करीब आठ साल के बाद बनी है। इससे पहले 24 नवंबर 2017 को न्यूनतम तापमान 7.5°C दर्ज हुआ था। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक “उत्तरी-पश्चिमी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण रातें ज्यादा ठंडी हो रही हैं। आने वाले दिनों में भी ये हवाएं चलती रहेंगी और दिसंबर नजदीक आते ही तापमान और कम होगा। इथियोपिया की राख का असर नहीं चंडीगढ़ मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक ऊपरी स्तर की तेज हवाएं इथियोपिया से राख को लाल सागर, यमन, ओमान होते हुए अरब सागर तक लाईं और फिर यह उत्तरी और पश्चिमी भारत के ऊपर पहुंची। हालांकि राख का शहर की हवा पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन पाल ने कहा कि गिरता तापमान हवा की गुणवत्ता को खराब कर सकता है, क्योंकि ठंडी हवा प्रदूषकों को नीचे रोककर रखती है। मंगलवार रात 10:30 बजे तक सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा कि राख का बादल भारत से निकल चुका है और चीन की ओर बढ़ रहा है।

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