पंजाब और चंडीगढ़ में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। हालांकि इसमें मामूली 0.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी दर्ज की गई है। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पूरे मैदानी इलाकों में सबसे कम था। चंडीगढ़ मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत, जिसमें पंजाब और चंडीगढ़ शामिल हैं, में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि हो सकती है। इससे तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। चंडीगढ़ और पंजाब के सभी जिलों में अधिकतम तापमान 27 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। विभाग के अनुसार यह स्थिति उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जुड़ी है। यह पश्चिमी विक्षोभ 4 मार्च से हिमालयी क्षेत्र में हल्की बारिश या बर्फबारी ला सकता है, लेकिन पंजाब और चंडीगढ़ में मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहने की संभावना है। तापमान 35 डिग्री तक पहुंच सकता है 7 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा। वर्षा या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान में वृद्धि हो सकती है और यह सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर रहने का अनुमान है। मंगलवार तक 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो धूल भरी आंधी का कारण बन सकती हैं। 2 मार्च को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री, 3 मार्च को 32 से 34 डिग्री और 4 मार्च को 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी। सतहीं हवाएं चलेंगी चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही तेज सतही हवाएं चलने की भी संभावना है।