पंजाब बजट-8 महीने के मंत्री को सबसे ज्यादा पैसा:₹1 में से 53 पैसे कर्ज-सेलरी पर खर्च; 69 सीटों वाले मालवा को सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट

पंजाब की CM भगवंत मान की अगुआई वाली AAP सरकार ने साल 2026-27 के लिए करीब 2 लाख 60 हजार 437 करोड़ का बजट पेश किया है। पिछले बजट 2025-26 (2.36 लाख करोड़) की तुलना में लगभग 24 हजार करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बिजली सब्सिडी, खेती, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया है। सरकार ने आर्थिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े मंत्रालयों को प्राथमिकता दी है। मंत्रियों के विभागों के हिसाब से 8 महीने पहले (3 जुलाई 2025) को मंत्री बने संजीव अरोड़ा के विभागों को सबसे ज्यादा बजट मिला। इनके मंत्रालयों को 17 हजार 435 करोड़ मिले हैं। इसमें बिजली के लिए ही 8 हजार करोड़ रखे गए हैं। बजट में दूसरी बड़ी राशि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को मिली है। मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के पास ये डिपार्टमेंट है। इस विभाग के लिए करीब 15 हजार 350 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। तीसरी बड़ी राशि 12 हजार 961 करोड़ रुपए CM मान के विभागों को मिली है। इनके पास होम, विजिलेंस, जनसंपर्क और सामान्य प्रशासन विभाग हैं। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा और महिला-बाल विकास जैसे बड़े कल्याणकारी विभाग, जिन्हें कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर संभाल रही हैं, उनके लिए 9 हजार 400 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। मंत्री बलबीर सिंह के हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए 6 हजार 210 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं ग्रामीण विकास और पंचायत विभागों के लिए मंत्री तरुण प्रीत सौंध को लगभग 4 हजार 440 करोड़ और पीडब्ल्यूडी के लिए मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को करीब 5 हजार 340 करोड़ का बजट मिला है। जानें किस मंत्री को बजट में क्या मिला जानिए अपने पैसे का हिसाब… 1 रुपए में 53 पैसे कर्ज, वेतन और सब्सिडी पर खर्च पंजाब सरकार के बजट के आंकड़ों ने अगर आपका दिमाग चकरा दिया है और ये आंकड़े आपकी समझ से बाहर हैं तो हम आपको इन्हें आसान भाषा में समझा देते हैं। पंजाब सरकार के 2026-27 के बजट को यदि एक रुपए के हिसाब से समझा जाए तो राज्य की वित्तीय तस्वीर साफ दिखाई देती है। सरकार के खजाने में आने वाले हर एक रुपए का बड़ा हिस्सा कर्ज से आता है, जबकि खर्च का आधे से ज्यादा हिस्सा पुराने कर्ज के ब्याज, वेतन और सब्सिडी में चला जाता है। सरकार की कमाई पर नजर डालें तो हर एक रुपए में लगभग 35 पैसे पंजाब सरकार को कर्ज से आते हैं। करीब 30 पैसे राज्य के अपने टैक्स से मिलते हैं, जिनमें जीएसटी, एक्साइज (शराब पर टैक्स), पेट्रोल-डीजल पर वैट और स्टांप ड्यूटी प्रमुख हैं। वहीं करीब 15 पैसे केंद्र सरकार से टैक्स में हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त होते हैं। इसके अलावा लगभग 10 पैसे केंद्र से मिलने वाले अनुदान से आते हैं, जबकि करीब 5-5 पैसे गैर-कर राजस्व और अन्य स्रोतों से जुटाए जाते हैं। सरकार एक रुपए में से शिक्षा पर लगभग 10 पैसे, सब्सिडी पर 12 पैसे, सेहत और सोशल सिक्योरिटी पर करीब 9 पैसे, जबकि एग्रीकल्चर और ग्रामीण विकास पर करीब 8 पैसे खर्च किए जाते हैं।
जानें बजट में मालवा-माझा और दोआबा के लिए क्या…
॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबर भी पढ़ें: पंजाब में 2.60 लाख करोड़ का बजट पेश: महिलाओं को ₹1000 महीना देने का ऐलान; अप्रैल से ड्रग-आर्थिक जनगणना होगी पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने रविवार (8 मार्च) को 2,60,437 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि ये बजट मां-बेटियों को समर्पित है। इस दौरान महिलाओं के लिए एक हजार रुपए महीना देने की स्कीम मावां-धीयां सत्कार योजना लॉन्च की।(पढ़ें पूरी खबर) पंजाब बजट मोमेंट्स, स्पीकर बोले- सास-बहू नहीं लड़ेंगी: वित्तमंत्री की स्पीच रोक मंत्री खुद बोलने लगे; टैब टच हुआ चीमा का भाषण रुका
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AAP सरकार के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने 2 लाख 60 हजार 437 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। बजट पेश करने के दौरान कई रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। वित्तमंत्री ने महिलाओं के लिए 1 हजार रुपए महीना देने का ऐलान किया तो स्पीकर कुलतार संधवां बोले- इस मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम से अब घरों में सास-बहू की लड़ाई कम होगी। (पढ़ें पूरी खबर)

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