पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन में सोमवार को CM भगवंत मान ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 पेश किया। इसे सर्वसम्मति से पास किया गया। उन्होंने कहा कि बेअदबी की सजा उम्र कैद टिल डेथ तक है। वहीं, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह विधेयक अभी केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर ही लागू होगा। जबकि, गैर सिखों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, आदि) के पवित्र ग्रंथों और धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ पर इस विधेयक के तहत फिलहाल कोई सजा का प्रावधान नहीं है। CM ने कहा कि अन्य धर्मों के लोगों से भी राय लेकर जल्द ही कानून बनाया जाएगा। विधानसभा में CM मान ने विपक्ष के नेताओं से कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप की बेअदबी के बारे में विस्तार से बताया गया है। यह स्टेट एक्ट है। गवर्नर से साइन कराना हमारी ही नहीं आपकी भी जिम्मेदारी है। गवर्नर के पास मेरी शिकायत लेकर तीसरे दिन पहुंच जाते हो। कभी काम करवाने भी चले जाया करो। गवर्नर ने लेट किया तो दोनों साथ चलेंगे। स्पीकर साहब एक-आधा कौआ मारकर लटका दिया तो दोबारा पीढ़ियों तक कोई बेअदबी नहीं करेगा। नए बिल ये काम करने को बेअदबी माना जाएगा.. नेता विपक्ष विधानसभा में स्पीकर और CM से भिड़े
बेअदबी बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के बीच बहस हुई। बाजवा ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं, लेकिन मैं गुजारिश करूंगा कि जो इस मामले में कमेटी बनी थी, उसने विभिन्न वर्ग के लोगों से बातचीत की थी, उसकी रिपोर्ट निज्जर साहिब को हाउस में पेश करनी चाहिए। स्पीकर ने कहा कि कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी। वहीं, नकोदर कांड की जांच भी वह कमेटी करेगी। बाजवा ने कहा कि केजरीवाल और भगवंत मान ने कहा था कि कुंवर प्रताप सिंह की रिपोर्ट के आधार पर 48 घंटे में दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचा देंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि स्पीकर साहब वह हलका आपका था। इस पर स्पीकर ने कहा कि आपकी जानकारी उचित नहीं है। मौजूदा सरकार ने सबूतों से छेड़छाड़ की, जिससे आरोपियों को जमानत मिली, लेकिन हमने चालान पेश किया। आज सख्त कानून बनाने के लिए सेशन बुलाया है। बाजवा ने कहा कि उस समय के 5 केस शहर से बाहर चले गए। सरकार ने विरोध नहीं किया। कुंवर विजय प्रताप सिंह पोस्टर बॉय था, वह पार्टी से बाहर है। मैं आपकी सरकार की इंटेंट जाना चाहता हूं। मान साहब दिल बड़ा कर इन पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करो। इसके जवाब में CM भगवंत मान ने कहा कि आपका खजाना मंत्री व मुख्यमंत्री पार्टी से बाहर हैं। किसको मंत्री बनाना है या नहीं बनाना यह हमारा फैसला है। आपसे 4 साल बाद प्रधानगी छीन ली है। किसी मौके पर तो कोई शर्म रख लिया करो। आज यह मौका नहीं है। इस पर बाजवा ने कहा आपसे लोग जवाब मांगते हैं। सीएम बताएं कि पंजाब पुलिस के कितने अफसरों पर केस दर्ज हुए। उन पर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि हम पांचवीं बार कानून बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर हमने कानून माहिरों से बात की है। पहले की तरह इस बिल की स्थिति न हो। हम कानून का समर्थन करते हैं। हम लोागें के बीच ही रहे हैं। 25 साल आपको राज नहीं मिलना है। पंजाब में बेअदबी बड़ा मुद्दा क्यों है? सेशन के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…