पंजाब में गैंगस्टरों पर एक्शन करने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल लोगों से लेकर आरपीजी अटैक की साजिश रचने वाले और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत गुट) के नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के आरोपी भी इसमें शामिल हैं। इन गैंगस्टरों के संबंध पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र से हैं। सूची में कुल 28 नाम शामिल हैं। इसमें गोल्डी बराड़ से लेकर रोहित गोदारा तक सभी के नाम हैं। सरकार ने अब इनके बारे में पब्लिक नोटिस जारी कर दिया है। सरकार ने दावा किया है कि जो व्यक्ति इन अपराधियों के बारे में उचित जानकारी देगा, उसे इनाम की राशि दी जाएगी। 9 गैंगस्टरों पर 10-10 लाख का इनाम सरकार द्वारा जारी सूची में नौ बड़े गैंगस्टरों के नाम शामिल हैं, जो पिछले चार-पाँच वर्षों से विदेशों में बैठकर आईएसआई या अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पंजाब में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ये लोग सोशल मीडिया पर युवाओं को गलत गतिविधियों के लिए उकसाते हैं। इन नामों में गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़, लखबीर सिंह लांडा, हरविंदर सिंह सिद्धू, सबीर सिंह, बलविंदर सिंह डोनी, प्रभदीप सिंह, गौरव पटियाला (चंडीगढ़), स्वर्ण सिंह और रोहित गोदारा (राजस्थान) शामिल हैं। 19 गैंगस्टरों पर 5-5 लाख का इनाम इसके साथ ही पुलिस ने 19 अन्य गैंगस्टरों पर पाँच-पाँच लाख रुपये का इनाम रखा है। इनमें हेरी बॉक्सर हरिचंद (राजस्थान), गुरविंदर सिंह, आदित्य कपूर, अमरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जोबनजीत सिंह, बरिंदर सिंह, सुप्रीत सिंह, नवीन कुमार, गुरप्रीत सिंह, मोहम्मद यासीर अरजर, निशान सिंह जौड़ियां, गुरदेव सिंह, राजेश कुमार, जसविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसकरण सिंह, रजिंदर सिंह और शक्ति कुमार के नाम शामिल हैं। दो बार चला ऑपरेशन प्रहार पंजाब पुलिस इस साल शुरू से ही गैंगस्टरों पर एक्शन मोड में रही है। दो बार 72 -72 घंटे के ऑपेशन प्रचार चलाए गए। 20 जनवरी 2026 को शुरू होकर 22 जनवरी 2026 को समाप्त हुआ। 3,256 लोग पकडे़ गए। इनमें गैंगस्टरों के सहयोगी और मददगार शामिल थे। प्रहार 2 में 8,000 जगह छापेमारी हुई, 3,260 गिरफ्तारियां हुईं । इसमें 135 प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर पकडे़ गए। ओएफटेक गठित, NIA से लिंक पंजाब पुलिस ने 20 जनवरी 2026 को ओएफटेक (OFTEC) ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल गठित किया गया। इस सेल का मुख्य उद्देश्य कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों में छिपे गैंगस्टरों, आतंकवादियों तथा अन्य फरार अपराधियों को ट्रैक करना, उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाना और उनके प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को तेज करना है। यह सेल आंतरिक सुरक्षा विंग के अंतर्गत कार्य करती है। इसका नेतृत्व डीआईजी काउंटर इंटेलिजेंस आशीष चौधरी, जो पूर्व में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी रह चुके हैं, कर रहे हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के लिए स्टेट नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस हुआ है जारी इस सेल में केंद्रीय एजेंसियों जैसे NIA, CBI, इंटरपोल (Interpol) तथा विदेशी पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जाता है। सेल के गठन के समय विदेशों में छिपे लगभग 60 गैंगस्टरों के नेटवर्क को निशाना बनाया गया था। इनमें से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका था या प्रक्रिया में था, जबकि शेष मामलों में तीन महीनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।