पंजाब में बाढ़ पीड़ितों को बांटे जा रहे मुआवजे पर केंद्र और राज्य सरकार में फिर से घमासान शुरू हो गया। पंजाब सरकार के मुखिया सीएम भगवंत मान का आरोप है कि केंद्र सरकार ने जो 1600 करोड़ रुपए की टोकन मनी का ऐलान किया था वही जारी नहीं किया। वहीं केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मुख्यमंत्री के इस दावे को गलत ठहराते हुए जारी फंड के आंकड़े गिनाने शुरू कर दिए। बिट्टू ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों को उनके क्षतिग्रस्त घरों के जो चेक बांट रही है वो राशि केंद्र सरकार ने ही जारी की है। रवनीत सिंह बिट्टू ने कि कि पब्लिक को केंद्र सरकार की तरफ से जारी राशि की एक एक जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने क्या बयान दिया, जानिए: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चीनी मिल के उद्घाटन के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि आपके कैमरों में फोटो पड़ी होंगी, वो आते थे पजामा उठाकर बाढ़ में चलते थे और कहते थे वहां जाकर बता देंगे। पता नहीं वहां पर क्या कहा? 1600 करोड़ रुपए टोकन मनी कह कर गए थे इसी जिले में। प्रधानमंत्री जी कृपा करके वही दे दो बाकी बाद में देख लेंगे। जानिए, CM मान के बयान पर केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने माझे की धरती पर झूठ कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब और केंद्र का पैसा लोगों का पैसा है। उन्होंने कहा कि सीएम मान केंद्र पर सवाल खड़े कर रहे हैं वो बताएं आजकल मुआवजे के जो चेक बांट रहे हैं वो किसके पैसे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री शिवराज चौहान 36703 क्षतिग्रस्त मकानों का पैसा इनके मंत्री को पकड़ा कर गए थे। जिसके तहत हर क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.20 लाख रुपए और बाथरूम के लिए 40 हजार रुपए दिए हैं। केंद्र सरकार इसके लिए 587 करोड़ रुपए की राशि राज्य सरकार को दे चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री पंजाब में ही हैं वो और भी डेटा देंगे। केंद्र के पास जिलेवार डेटा उपलब्ध रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब सरकार ने 36703 क्षतिग्रस्त मकानों के लिए केंद्र से पैसे मांगे। उसमें अमृतसर में 2997, फिरोजपुर 1602, जालंधर में 2000, पठानकोट में 1500, तरनतारन में 2400, गुरदासपुर में 10926 मकान शामिल हैं। अन्य जिलों का डेटा भी केंद्र सरकार के पास है। अन्य स्कीमों में भी केंद्र दे चुका है फंड बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री जो बकरियों, मवेशियों के मुआवजे की बात कर रहे हैं वो भी केंद्र सरकार की तरफ से जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अलग-अलग स्कीमों के तहत मुआवजा राशि राज्य सरकार को भेजी है और सरकार उसी में से मुआवजा बांट रही है। मुख्यमंत्री को पब्लिक के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र ने कितने पैसे दिए और वो खुद कितना दे रहे हैं। बिट्टू ने कहा कि केंद्र ने एग्रीकल्चरल स्कीम के तहत बीज के लिए राज्य सरकार को पैसे भेजे ताकि किसान समय पर बुआई के लिए बीज खरीद सकें। उन्होंने कहा कि जल्दी ही वो सारा डेटा पब्लिक डोमेन में जारी करेंगे।