पंजाब में 2027 का चुनावी बिगुल फूंकेंगे अमित शाह:BJP की मोगा में बदलाव रैली, 115 एकड़ जगह, 85 एकड़ में टेंट, एक लाख भीड़ का टारगेट

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी की आज मोगा के किल्ली चहलां गांव में बदलाव रैली होने जा रही है। आज बदलाव रैली में देश के गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे और पंजाब में भाजपा का चुनावी बिगुल फूंकेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने भी चुनावी बिगुल फूंकने के लिए मोगा के किल्ली चाहलां गांव को चुना है। राजनीतिक दल चुनाव के लिहाज से मोगा किल्ली चहलां को लक्की मानते हैं और इसीलिए अपने चुनावी मुहिम का आगाज यहीं से करते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने किल्ली चहलां में 115 एकड़ एरिया में रैली की व्यवस्था की है। जिसमें से 85 एकड़ में टैंट की व्यवस्था की गई है जहां पर लोग केंद्रीय मंत्री अमित शाह को सुनने के लिए बैठेंगे। भाजपा नेताओं के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस रैली को संबोधित करने के लिए दोपहर 12 से 1 बजे के बीच मोगा पहुंचेंगे और वो करीब एक घंटे तक भाषण देंगे। अमित शाह अपने भाषण के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं को 2027 में सरकार बनाने का मंत्र भी देंगे। रैली में पहुंचेगे एक लाख लोग पहुंचेंगे
भारतीय जनता पार्टी ने रैली को सफल बनाने के लिए हर हलका इंचार्ज को 1000 से 1500 कार्यकर्ताओं को रैली में पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। जो जिले दूर के हैं उन्हें 1000 और नजदीक वाले जिलों को 1500 से 2000 कार्यकर्ताओं को पहुंचाने का टारगेट दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर मोगा पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। रैली स्थल के अंदर से लेकर बाहर तक करीब 1000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियां भी सुरक्षा को लेकर पैनी नजर बनाए हुए हैं। मोगा पुलिस ने जारी किया ट्रैफिक प्लान
मोगा जिला पुलिस ने यातायात को सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। ट्रैफिक एजुकेशन सेल के प्रभारी ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की परेशानी से बचना है। जानिए कहां कहा से निकले चुनावी मुहिम के आगाज के लिए भाजपा ने भी चुना किल्ली चाहलां मोगा का गांव किल्ली चाहलां राजनीतिक रैलियों के लिए हर एक पार्टी की फेवरेट जगह बन गई है। अकाली दल तो किल्ली चैहलां को लक्की मानता रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी किल्ली चाहलां से अपनी चुनावी मुहिम की शुरुआत की। इसके बाद अब भाजपा ने भी यहीं से अपनी चुनावी मुहिम शुरू करने का फैसला किया है। CM कुर्सी-सरकार के लिए ये अहम क्यों? मोगा में कौन-कब कर चुका रैलियां अकाली दल का मोगा सम्मेलन: साल 1996 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने रैली की। इसमें अपनी कट्टर छवि छोड़कर डेमोक्रेटिक रुख अपनाया। इससे 1997 में पार्टी ने 117 में से 75 सीटें जीतीं। इसके बाद 2007 और 2012 के चुनावों में सत्ता बरकरार रखी। अकाली दल के लिए 2017 और 2022 में किल्ली चाहलां लकी नहीं रहा और पार्टी को हार मिली। इस रैली में जुटे कम लोगों ने तय कर दिया कि जनता का झुकाव कांग्रेस और फिर AAP की ओर हो गया। कांग्रेस को सत्ता यहीं से मिली: 2017 के चुनाव से काफी पहले जब पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी चल रही थी, तब पार्टी ने मोगा के बाघापुराना में रैली की थी। इस रैली का नारा कैप्टन ल्याओ, पंजाब बचाओ दिया गया। यहां लोग बड़ी संख्या में कैप्टन को सुनने पहुंचे। कैप्टन के नारे के चलते कांग्रेस को पंजाब की सत्ता से अकाली दल को दूर करने का मौका मिला। कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए मिशन 13 भी यहीं से शुरू किया था। इसमें भी पार्टी ने पंजाब की 13 में से 8 सीटें जीतकर मोदी की लहर के बावजूद पकड़ दिखाई। 2020 में 3 खेती कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर राहुल गांधी ने मोगा के बधनी कलां से खेती बचाओ यात्रा शुरु की थी। AAP ने भी मोगा रैली से दी थी एक हजार रुपए महीने की गारंटी: 2022 के चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल ने नवंबर 2021 में मोगा से ही महिलाओं के लिए एक हजार रुपए महीना देने की अपनी तीसरी गारंटी दी थी। इसका असर सीधा महिलाओं पर हुआ, जिससे AAP में पंजाब में 117 में 92 सीटें जीत सबको हैरान कर दिया। भाजपा यहां पहली बार कर रही अकेले रैली: मोगा किल्ली चहलां में भाजपा पहली बार रैली कर रही है। भाजपा की रैली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह आ रहे हैं। भाजपा ने भी इस रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकी है। रैली से पहले भाजपा ने अपने विधानसभा हलका इंचार्जों को एक्टिव किया है। इस रैली में भाजपा ने 1 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य है।

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