चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में मंगलवार शाम सोपू नेता पर हुई फायरिंग के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हमलावर घटना के बाद से फरार हैं और अभी तक पुलिस को उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्टूडेंट्स की तरह पीठू बैग लेकर कैंपस में दाखिल हुए थे। इससे साफ है कि एंट्री पॉइंट पर चेकिंग में चूक हुई। यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारियों ने भी माना है कि हमलावर आसानी से अंदर घुसने में कामयाब रहे। जांच एजेंसियों को शक है कि हमलावर प्रोफेशनल थे और किसी खास व्यक्ति को टारगेट करने आए थे। यही वजह है कि अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब कैंपस में चंडीगढ़ पुलिस की चौकी मौजूद है और यूनिवर्सिटी की अपनी सिक्योरिटी भी तीनों गेट पर तैनात रहती है, तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। वारदात के बाद भागने का तरीका भी प्लानिंग को दर्शाता है। आरोपी पहले चोरी की स्कूटी पर आए, जिसे घटना से पहले ही छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने एक कपल से बुलेट मोटरसाइकिल छीन ली और फरार हो गए। बाद में उस बाइक को डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के पास छोड़ दिया गया। यह इलाका पंजाब बॉर्डर के नजदीक है, जिससे आशंका है कि आरोपी राज्य की सीमा पार कर गए। इस घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा को लेकर छात्रों में नाराजगी है। आज इस मुद्दे पर ऑल स्टूडेंट्स मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। गौरतलब है कि इन दिनों यूनिवर्सिटी में “झंकार” प्रोग्राम चल रहा है और बुधवार को सतिंदर सरताज का लाइव शो होना है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। चार लड़के थे, पिस्तौल तान दी पुजारी राम प्रकाश.ने बताया कि आरोपी चार लोग थे। मैंने उन लड़कों को जूते पहनकर मंदिर परिसर में घुसने पर टोका, तो एक ने पिस्टल तान दी। फिर वो धमकाते हुए भाग गए। मैं इस बारे में अन्य पंडितों से बात ही कर रहा था कि बाहर जड़ी-बूटी बेचने वाले दंपती गोविंद-काजल की बाइक लुटने का पता चला। पिस्तौल छाती पर लगा पिस्टल मांगी
गोविंद ने कहा कि – हम पिंजौर में रहते हैं और यहां वैन में जड़ी-बूटियां व दवाएं बेचते हैं। शाम को चार युवक भागकर आए। उनमें से एक ने पिस्टल मेरी छाती पर लगाकर चाबी मांगी। चाबी बुलेट में ही लगी थी। एक शूटर ने काजल की कनपटी पर पिस्टल लगाकर पीछे हटने को कहा। तीन महीने पहले ही बुलेट ली थी, चारों उस पर बैठ गए। सबसे पीछे बैठे युवक ने पिस्टल काजल की तरफ तब तक ताने रखी जब तक करीब 50 मीटर दूर नहीं चले गए। काजल ने पूछा भी कि बाइक क्यों ले जा रहे तो बोले- दो दिन बाद मिल जाएगी, अभी रोक मत। उसके बाद वह धनास की तरफ भाग गए। फिर हमने पुलिस को कॉल की। यूनिवर्सिटी के पास स्थित मंदिर के पुजारी राम प्रकाश ने बताया कि, पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से मंदिर एक गेट है, जहां से आरोपी आए थे। उसने तो सिर्फ जूते के लिए बोला था, कि जूते मंदिर में पहनकर नहीं आते। जिसके बाद उन्होंने उस पर पिस्टल तान दी। जिससे वह डर गया। इतनी देर में आरोपी सामने दूसरे गेट से फरार हो गए। उसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। बता दें कि, पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से एक गेट है और एक चितकारा की तरफ है। मंदिर का जो गेट पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ है, वह रात को करीब 10 बजे बंद होता है। यहां पर किसी भी तरह की पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से कोई सुरक्षा में सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं किया गया। पंजाब यूनिवर्सिटी के तीन गेट हैं, उन पर सिक्योरिटी है, कैमरे लगे हैं। आने जाने वालों की चेकिंग होती हैं, लेकिन यहां से पैदल इंसान कोई भी आ सकता है और जा सकता है। लॉरेंस और बंबीहा गैंग आमने-सामने इस वारदात की जिम्मेदारी बंबीहा, गोपी घनश्यामपुरिया और कौशल चौधरी ग्रुप ने ली है। इन्होंने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें लिखा है- जो आज पंजाब यूनिवर्सिटी में SOPU लॉरेंस खोती के प्रधान जश्न जवंदा के ऊपर गोली चली है, यह हमारे भाई डोनी बल और शगनप्रीत ने चलाई है। इसकी किस्मत अच्छी थी कि बच गया। हर किसी की किस्मत ऐसी नहीं होती है। जो भी लॉरेंस SOPU ग्रुप के साथ चलेगा, उसका अंजाम मौत होगा। अंत में रेस्ट इन पीस सिद्धू मूसेवाला लिखा है। सूत्रों के अनुसार, SOPU लीडर कई दिनों से पंजाब यूनिवर्सिटी को लेटर लिख रहा था और पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख की स्टार नाइट करवाना चाहता था। उसे लेकर बार-बार पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन से मिल रहा था, लेकिन अभी तक किसी ने मंजूरी नहीं दी। फायरिंग होते ही पीयू से फरार स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) लीडर जशनदीप सिंह उर्फ जश्न जवंदा पार्किंग में खड़े थे। इसी दौरान 2 युवक स्कूटी पर आए। उन्होंने आते ही फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली कार में लगी। इसके बाद जशनदीप सिंह खुद को बचाने के लिए वहां से भाग गए। इस दौरान आरोपियों ने दो गोलियां चलाईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोलियों के 2 खोल बरामद किए। कौन हैं जश्न जवांदा
फायरिंग का शिकार जश्न जवांदा पहले सोपू के एक गुट से जुड़ा रहा है। वह दो साल पहले पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन चुनाव (PUCSC) में सेक्रेटरी पद का उम्मीदवार भी रह चुका है। 2024 के चुनाव के दौरान लॉरेंस गैंग से जुड़े गैंगस्टर रवि राजगढ़ ने सार्वजनिक तौर पर जश्न जवांदा को सोपू के जनरल सेक्रेटरी उम्मीदवार के रूप में सामने रखा था। फिलहाल रवि राजगढ़ जेल में बंद है। जानकारी के मुताबिक, जश्न ने करीब दो साल पहले यूनिवर्सिटी में एक कोर्स में दाखिला लिया था, लेकिन इस समय वह पंजाब यूनिवर्सिटी का सक्रिय छात्र नहीं है।
मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत का नाम सामने आया पीयू में फायरिंग की इस वारदात के बाद शगनप्रीत का नाम सुर्खियों में आ गया है। शगनप्रीत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर रह चुका है। उसका नाम मूसेवाला मर्डर में भी उछला था। उससे पहले विक्की मिड्डुखेड़ा मर्डर में भी उसका नाम चर्चा में आया था। अब बंबीहा गैंग की तरफ से भेजी गई धमकी में बल के साथ उसका नाम भी है। विदेश में छिपे डोनी बल ने 10 जनवरी को लुधियाना में लग्जरी कार शोरूम पर गोलियां चलाकर रंगदारी मांगी थी। 15 जनवरी की रात को सेक्टर-21 में बिल्डर अंकित सदाना की कोठी पर 5 गोलियां चलाकर 5 करोड़ की रंगदारी मांगी। उसका नाम एफआईआर में नामजद है। एक साल पहले मासूम शर्मा के शो में मर्डर हुआ था मार्च 2025 में पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के शो के दौरान छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान हमलावरों ने चाकू मारकर 4 छात्रों को घायल कर दिया, जिनमें से एक छात्र की मौत हो गई। मरने वाला छात्र आदित्य ठाकुर हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था। वह PU में टीचर्स ट्रेनिंग का सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था। मामले में सेक्टर-11 थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया था। इस हत्या से जुड़े 3 वीडियो भी सामने आए थे। हालांकि इस घटना के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टार नाइट करवाने से मना कर दिया था। काफी दिनों तक यह विवाद चला, उसके बाद फिर से सतिंदर सरताज को अब बुलाया गया है।