पटना के खगौल थाना क्षेत्र में गुजरात के व्यापारी से लूटे गए करीब 15 किलो सोने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। रविवार देर रात एम्स-नौबतपुर मार्ग से दो खाली बैग बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इन्हीं बैगों में करीब 14 किलो 954 ग्राम सोने के जेवर रखे गए थे, जिन्हें बदमाशों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर लूट लिया था। बरामद बैग नीले और लाल रंग के हैं। मौके पर फोरेंसिक साइंस लैब की टीम पहुंची और बैगों की जांच शुरू की। फिंगरप्रिंट के जरिए अपराधियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। GPS लगे होने के शक पर बैग फेंका पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए लूट में इस्तेमाल गाड़ियों को भी रास्ते में छोड़ दिया। वहीं, सोना ले जाने वाले बैग को एम्स-नौबतपुर रोड किनारे फेंक दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि बैग में GPS डिवाइस लगा हो सकता था। आशंका है कि अपराधियों को इसकी जानकारी थी, इसलिए उन्होंने बैग फेंक दिया ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। इनसाइडर की भूमिका पर सवाल जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि गुजरात के राजकोट से आए व्यापारियों की हर गतिविधि की जानकारी अपराधियों को कैसे मिल रही थी। दानापुर स्टेशन पर उतरते ही उनकी पहचान किसने कराई, इस ‘इनसाइडर’ की तलाश भी तेज कर दी गई है। कई टीमों की छापेमारी जारी पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर बिहार और अन्य राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस की नजर बेउर जेल में बंद कुख्यात अपराधियों पर भी है, जो पहले भी बड़ी लूट की वारदातों में शामिल रहे हैं। खगौल थाना प्रभारी रंजन कुमार ने बताया कि, ‘अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।’