पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा से रेप-मौत मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को गर्दनीबाग धरनास्थल पर पीड़ित परिवार धरने पर बैठ गया। धरने में पीड़िता के माता-पिता, मामा समेत करीब 100 लोग शामिल हुए। इस दौरान पीड़िता की मां ने CBI जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि, ‘अब उन्हें जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं रहा। परिवार को ही परेशान किया जा रहा है, मुझे बस अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए।’ यह कहते ही वह फूट-फूटकर रोने लगीं।
पिता का आरोप- ‘टॉर्चर की हद पार’
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि, CBI ने टॉर्चर की अंतिम सीमा पार कर दी है। उन्होंने कहा, ‘सीबीआई टॉर्चर की अंतिम सीमा पार कर चुकी है। कंस-दुर्योधन के शासन जैसा सरकार सलूक कर रही है। सरकार और सीबीआई पर भरोसा नहीं रहा। अब सिर्फ न्यायालय से ही न्याय की उम्मीद है।’ 3 महीने बाद भी जांच फेल- पुष्कर आनंद
धरने में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर आनंद ने कहा कि, ‘यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे बिहार की महिलाओं की सुरक्षा का मामला है। करीब तीन महीने होने जा रहे हैं, लेकिन सभी की जांच फेल साबित हुई है।’ आंदोलन तेज करने की चेतावनी धरना दे रहे लोगों ने कहा कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जा रहा है, लेकिन अगर जांच सही दिशा में नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। धरना स्थल पर भारी संख्या में लोग जुटे रहे और पूरे मामले में जल्द न्याय की मांग की गई। दिल्ली CBI टीम को मिली जांच की जिम्मेदारी 11 जनवरी 2026 के दिन पटना के शंभू गर्ल्स होस्टल में NEET की छात्रा की मौत हुई। उसके साथ रेप हुआ। FSL की रिपोर्ट में अंडर गारमेंट पर स्पर्म मिला। उसे किसने मारा? पता नहीं। किसने रेप किया? पता नहीं। लड़की के अंडर गारमेंट पर स्पर्म किसका, अब भी पुलिस, SIT, CBI के पास इन सवालों के जवाब नहीं हैं। पटना पुलिस की जांच पर सवाल उठे तो पूरी केस की फाइल CBI को दे दी गई, लेकिन CBI पटना टीम के अधिकारी भी कुछ खास पता नहीं कर पाए। जब कोर्ट ने फटकार लगाई तो अब जांच CBI की दिल्ली टीम (एंटी करप्शन ब्रांच-2) को सौंपी गई है। बड़ा सवाल यही खड़ा हुआ कि CBI की टीम भी SIT और पटना पुलिस की जांच के इर्द गिर्द ही घूमती रही। उसपर भी परिवार वालों ने दबाव बनाने का आरोप लगाया। बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन के जमानत का विरोध शम्भू गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग का मालिक मनीष रंजन इस केस में गिरफ्तार है। उसे पटना पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद ही पकड़ा था। वर्तमान में बेउर जेल में है। इसकी जमानत याचिका पर पटना के पोक्सो कोर्ट में सुनवाई हुई थी। पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय मनीष को जमानत देने का विरोध कर रहे थे। जांच में कमियां गिना रहे थे। लगातार सुनवाई के बाद कोर्ट ने 16 मार्च को मनीष की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने इस दौरान CBI की जांच में खामियां पाई और कई सवाल उठाए थे।