राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में एक कथित हाईकोर्ट वकील और उसके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने दफ्तर में बुलाकर युवक को बंधक बनाया, मारपीट की और न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की। गिरफ्तार आरोपियों में कथित तौर पर चैतन्य कृष्ण, आलोक और मनीष शामिल हैं। चैतन्य कृष्ण, पटना के शास्त्री नगर इलाके में ‘ऑर्थो लीगल सर्विसेज’ नाम से दफ्तर चलाता था और मूल रूप से मुजफ्फरपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। आधार सुधार के नाम पर लिए 5 हजार रोहतास के रहने वाले पीड़ित अजीत कुमार नाम के शख्स ने 3 अप्रैल को शास्त्री नगर थाने पर एक शिकायत दर्ज कराई। बताया गया कि उसने चैतन्य कृष्ण नाम के एक वकील से आधार कार्ड में सुधार के लिए बातचीत की थी। उसने भारत राजपत्र बनाने के नाम पर ₹5000 लिए थे, लेकिन बना नहीं रहा था। 2 अप्रैल की रात में अजीत ने चैतन्य कृष्ण को फोन करके बातचीत करने की कोशिश की। फोन करते ही चैतन्य कृष्ण ने गाली गलौज करना शुरू कर दिया। वीडियो बनाने पर बंधक बनाकर पीटा इसके बाद 3 अप्रैल को अजीत अपने दोस्त पंकज के साथ वकील चैतन्य कृष्ण से मिलने उसके दफ्तर गए। दफ्तर में पहले से मौजूद चैतन्य कृष्ण, आलोक और मनीष ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी। इस पर पीड़ित अजीत ने पंकज को मोबाइल फोन से वीडियो बनाने के लिए कहा। जैसे ही पंकज ने वीडियो बनाना शुरू किया, चैतन्य कृष्ण आलोक और मनीष ने मोबाइल फोन छीन लिए। फिर तलवार भिड़ाकर बंधक बना लिया। 2 घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट करते रहे और चप्पल जूते से मारते रहे। न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल का आरोप पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान चैतन्य कृष्ण और उसके साहगिर्द ने दोनों के कपड़े उतरवा दिए और सेक्सुअल हैरेसमेंट का प्रयास किया। खुद चैतन्य भी नशे का सेवन कर रहा था। इस दौरान पंकज और अजीत को भी नशे का सेवन करने के लिए फोर्स कर रहा था। पीड़ित ने मोबाइल फोन लौटाने के लिए रिक्वेस्ट किया तो उसने ₹10000 की डिमांड कर दी। किसी तरह ₹7000 देकर मोबाइल फोन वापस लौटाया गया। आरोप है कि इस दौरान उनके कपड़े उतरवाकर न्यूड फोटो और वीडियो बनाए गए। साथ ही पुलिस में शिकायत करने पर इन्हें वायरल करने की धमकी दी गई। दरभंगा के घनश्याम को भी दिया झांसा शनिवार के दिन अर्थव लीगल सर्विसेज के बाहर आधार में गलत नाम सुधार कराने के लिए दूर दराज से लोग आए थे। उनमें से इंतजार कर रहे दरभंगा के घनश्याम ने बताया कि, ‘नाम सुधरवाने के लिए आए थे। यहां पर आने के बाद पता चला कि पारिवारिक कलह में वकील चैतन्य कृष्ण थाने गए हैं। आज केंद्र नहीं खुलेगा। घनश्याम से नाम सुधरवाने के नाम पर ₹3000 की डिमांड की गई थी। इन्हें बताया गया था कि वकील चैतन्य कृष्ण का दिल्ली से संपर्क है। सीधे नाम में सुधार करा देते हैं। रात में राष्ट्रपति के नाम से आया कॉल जानकारी के मुताबिक, चैतन्य कृष्ण के पैरवी के लिए राष्ट्रपति के नाम पर शास्त्री नगर थाने के नंबर पर काल आया था। फोन पर सामने से कोई महिला बात कर रही थी, जो खिद को राष्ट्रपति का करीबी बताकर चैतन्य कृष्ण की मदद करने के लिए कह रही थी। फिलहाल, जिस नंबर से कॉल आया था, उसकी भी पुलिस डिटेल्स खंगाल रही है। छापेमारी में मिले 100 से ज्यादा फर्जी मोहर शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपी चैतन्य कृष्ण, आलोक और मनीष को अरेस्ट कर लिया है। दफ्तर में छापेमारी के दौरान विभिन्न जिलों के अनुमंडल दंडाधिकारियों के 100 से अधिक फर्जी मोहर बरामद किए गए हैं। इनमें अनुमंडल दंडाधिकारी जौनपुर, अनुमंडल दंडाधिकारी गया, अनुमंडल दंडाधिकारी कैमूर, अनुमंडल डंडा अधिकारी सहरसा, कार्यपालक दंडाधिकारी पटना के मोहर शामिल हैं। इसके अलावा पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और कई संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। पुलिस की ओर से इनकी निशानदेही पर छानबीन जारी है।