पठानकोट में मंगलवार को दोपहर बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) की ओर से डल्हौजी रोड शनिदेव मंदिर के पास स्थित वरुण गैस एजेंसी पर छापेमारी की गई। DFSC राज ऋषि के साथ 3 फूड इंस्पेक्टर भी टीम में शामिल थे। छापेमारी के दौरान एजेंसी मालिक को भी मौके पर बुलाया गया। एजेंसी में की गई चेकिंग के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। जिसके बाद DFSC राज ऋषि की ओर से गैस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस गैस एजेंसी के खिलाफ लोगों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जिसके चलते ये कार्रवाई की गई है। 750 सिलेंडरों का बैकलॉग DFSC राज ऋषि ने बताया कि इस गैस एजेंसी पर लोग परेशान हो रहे थे। लोगों की कई शिकायतें विभाग को मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि इस गैस एजेंसी में आकर देखा तो लोग वाकई परेशान हो रहे थे। 750 ग्राहकों ने सिलेंडर बुक करवाए थे, परंतु उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहे थे। यानी, 750 सिलेंडरों का बैकलॉग था। गोदाम से डिलवरी पर भी होम डिलवरी चार्ज जितनी वसूली की जा रही थी। जिसके चलते ये छापेमारी की गई है। गोदाम से की जा रही डिलवरी डीएफएससी ने बताया कि लोगों को गोदाम से ही डिलवरी दी जा रही थी। लेकिन उपभोक्ताओं से एफिडेविट नहीं लिया गया। पोर्टल पर भी इस बाबत कोई जानकारी दी गई है। इसके अलावा, गोदाम से सिलेंडर देकर होम डिलवरी के चार्जेस वसूले जा रहे थे। जो इल-लीगल है। इनके पास रिबेट रजिस्टर भी अवेलेबल नहीं है। रिकॉर्ड में भी पाई गई खामियां जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने बताया कि एजेंसी के रिकॉर्ड में भी भारी कमियां पाई गई हैं। एजेंसी मनमाने ढंग से काम कर रही थी। सेल, रिबेट रजिस्टर मेंटेंन नहीं था। जिसके चलते लोग परेशान हो रहे थे। अब सारा रिकॉर्ड एजेंसी से मांगा गया है। एजेंसी को सख्त शब्दों में रिकॉर्ड पेश करने की हिदायत दी गई है। रिकॉर्ड पेश न किया तो एजेंसी हो सकती है बंद – DFSC जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राज ऋषि ने बताया कि एजेंसी में पाई गई कमियों के आधार पर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं और आगे भी जांच जारी रहेगी। मांगे गए दस्तावेज पेश नहीं किए तो एजेंसी बंद भी की जा सकती है। ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए गैस एजेंसियों की जांच बता दें कि ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते देश में पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर लोगों में चिंता का माहौल देखने को मिल रहा है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें आम हो गई हैं। इसी के चलते पंजाब सरकार भी हरकत में आ गई है और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए गैस एजेंसियों की लगातार जांच की जा रही है। लोगों को नहीं होने देंगे परेशान
DFSC राज ऋषि ने कहा कि विभाग का स्पष्ट संदेश है कि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।