पति का जिसने मर्डर करवाया, उसका एनकाउंटर हो:गोरखपुर में भाजपा नेता की पत्नी बोलीं- मारने वालों ने उकसावे में हत्या की, वह सिर्फ मोहरा

‘मेरे पति पर चाकू से हमला कर मारने वाले केवल मोहरा हैं। हमला कराने वाला असली खिलाड़ी कोई और है,जिसने पैसा देकर पति को मरवा दिया। मैंने गांव के 8 लोगों के नाम पुलिस को बताए थे, वही पति के असली कातिल हैं। जब तक उन्हें सजा नहीं दिलाऊंगी, तब तक चैन से नहीं बैठूंगी। मेरा परिवार सड़क पर आ गया। सीएम योगी से मेरी अपील है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलवाइए। जैसे मेरा पति मरा है, वैसे ही उनका भी एनकाउंटर होना चाहिए। मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए। यह बातें भाजपा नेता राजकुमार चौहान की पत्नी सुशीला देवी ने कहीं। उन्होंने कहा पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा, वह हमला करने में शामिल जरूर थे, लेकिन उन्हें शह मिला था। उनके घरवालों को पैसे दिए गए। उकसा कर हमला कराया गया। वहीं बहन संगीता ने भी यही बातें बताईं। परिजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी से मांग है कि आरोपियों के घर बुलडोजर चले। घर में दूसरे दिन भी रोती चिल्लाती रहीं महिलाएं
गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में मंगलवार सुबह प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या ने सिर्फ एक जान नहीं ली बल्कि पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। घर में पसरा सन्नाटा, रोते-बिलखते बच्चे और बेसहारा खड़ी पत्नी भी बार-बार यही दोहरा रहीं थीं। पत्नी सुशीला ने बिलखते हुए कहा-हमारा सब कुछ लुट गया। पति राजनीति में आगे बढ़ रहे थे। इससे जलने वालों ने उनके साथ पूरे परिवार को खत्म कर डाला..। पति चुनाव हारे उसके बाद रंजिश बढ़ी सुशीला कहती हैं-तीन साल पहले पार्षद का चुनाव हुआ था। पति हार गए थे। धर्मदेव चौहान जीत गए थे। उसी के बाद से रंजिश बढ़ती गई। दो साल पहले पार्षद धर्मराज के लोगों ने उनके भतीजे नीरज के साथ मारपीट की थी। इसमें भतीजे को पुलिस ने चौकी में बैठा लिया था। पति जब उसे छुड़ाने गए तो उनको भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया था। एक महीना जेल काटकर आए थे, तब से ही ये लोग दुश्मनी निकालने में लगे थे।
जिला प्रशासन के रवैए से नाराज परिजनों ने जिला प्रशासन के रवैए पर भी सवाल उठाए हैं। सुशीला बताती हैं- बुधवार को डीएमऔर एसएसपी ने मिलने के लिए बुलाया था। अफसरों ने कहा कि बच्चों को कहां पढ़ाना है, बताओ। बिजनेस के लिए लोन दिलाएंगे। मैंने उनसे कहा कि जब पति ही नहीं रहा तो लोन लेकर क्या करेंगे। बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि 36 घंटे बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री दारा सिंह चौहान ने 10 लाख रुपये की मदद देने की बात कही है। परिवार का दावा है कि आरोपियों ने पहले भी कई बार धमकी दी थी। भतीजा बोला- चाचा ने दीपक का नाम लिया था… राजकुमार के भतीजे नीरज का कहना है कि हम डीएम साहब के पास गए थे। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। वह पुलिस के रवैए से भी नाराज हैं। उनका कहना है कि हमने जिनका नाम दिया, उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन चाचा की पहचान और दबदबे से लोग खुन्नस रखते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमें यह तक नहीं पता कि आरोपी कहां रखे गए हैं। चाचा मरने से पहले दीपक का नाम लेकर चिल्ला रहे थे। राजकुमार की बहनें मंजू, अंजली, कुंती देवी और मोहनी ने सीबीआई जांच की मांग की है। डॉक्टर बोले- चाकू से गोदकर हत्या की गई प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या गोली से नहीं बल्कि धारदार चाकुओं से ताबड़ताड़ वार कर की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम करने वाले डाॅक्टर के बयानों के आधार पर किया गया। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों राज चौहान और विपिन यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि पुलिस हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार बरामद नहीं कर सकी है। आरोपी की मां बोली- तंग आ गया था बेटा राजकुमार के घर से 100 मीटर दूरी पर राज चौहान का घर है। राज के घर के सामने से ही रोज राजकुमार भोर में टहलने जाते थे। आरोपी राज की मां निर्मला चौहान ने बताया कि तीन बेटे हैं। राजकुमार का भतीजा नीरज मेरे बच्चों के साथ हमेशा मारपीट करता था। पुलिस भी शिकायत नहीं सुनती थी। राज लंबे समय से इस प्रताड़ना को झेल रहा था। उसने हत्या किया की नहीं … ये मुझे नहीं मालूम। राजकुमार का भतीजा नीरज ने मेरे तीनों बेटों को कई बार मारा। राज को मछली पालन का मिल गया था। घटना के दिन शाम करीब छह बजे उसने फोन कर बताया था कि वह माटी गिराने का काम कर रहा है, लेकिन उसकी गाड़ी कहीं फंस गई थी। इसलिए वह देर रात तक नहीं आया था। कहना था कि नीरज का स्वभाव बेहद गुस्सैला है। छोटी-छोटी बातों पर मेरे बच्चों को पीटता था। सबसे पहले बड़े बेटे राज उर्फ राजन को सर्दियों के दौरान बुरी तरह मारा था। इसके बाद हाल ही में मझले बेटे के साथ भी मारपीट किया था।
राज, जो डंपर चलाकर प्रतिदिन करीब 500 रुपये कमाता था, परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग करता था और रोज रात घर लौटता था। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि उनका बेटा यह कर सकता है। डंपर चालकों को पकड़कर पुलिस ने किया खुलासा गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या का पुलिस ने मंगलवार की देर रात खुलासा कर दिया। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, दो डंपर चालकों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि दो महीने पहले भाजपा नेता के भतीजे ने उनके साथ मारपीट की थी। उस वक्त भाजपा नेता ने भतीजे का पक्ष लिया था। भतीजा उनके दम पर रौब गांठता था, इसलिए बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बताया- आरोपियों को पता था कि भाजपा नेता रोज सुबह टहलने निकलते हैं। योजना के तहत दोनों पेड़ के पीछे छिप गए। राजकुमार को अकेला देखकर पहले फायर किया, लेकिन वह बच गए। जब वह भागने लगे तो दोनों ने पीछा कर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने 8 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इनमें दो संदिग्ध दिखे। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की भतीजे से 4 महीने से चल रही थी रंजिश
मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे चिलुआताल में वारदात हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। वारदात के करीब 13 घंटे बाद डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ.कौस्तुभ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी राज चौहान उर्फ निरहुआ और विपिन यादव बरगदवा के रहने वाले हैं। इनकी भाजपा नेता के भतीजे नितेश से 4 महीने से रंजिश चल रही थी। पुलिस ने 7 लोगों को हिरासत में लिया है। इनकी भी भूमिका की जांच जा रही। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था- भाजपा नेता को 4 हमलावरों ने घेर कर ताबड़तोड़ चाकू मारे
घरवालों के मुताबिक, राजकुमार (38) हर दिन मॉर्निंग वॉक पर जाते थे। 17 मार्च मंगलवार को भी सुबह 5 बजे घर से निकले थे। करीब 30 मिनट बाद सूचना मिली कि उनकी हत्या हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर से 500 मीटर दूर 4 हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। जब तक वह कुछ समझ पाते, उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। चाकू लगने के बाद वे खुद को बचाकर भागे, लेकिन हमलावरों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। करीब 100 मीटर दूर पकड़कर उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। सिर, सीने और चेहरे पर 20 से 25 बार चाकू मारे गए। हमलावर कुछ देर तक वहीं रुके रहे और उनके मरने का इंतजार करते रहे। तसल्ली होने के बाद वहां से भाग गए। सूचना मिलते ही परिजन पहुंचे और उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भाजपा नेता राजकुमार चौहान की मौत की सूचना पर उनकी पत्नी सुशीला रोते-रोते बेहोश हो गईं। उनकी बहन मोहनी ने कहा- जान के बदले जान चाहिए। परिवार कौन चलाएगा? भतीजी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। वारदात से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए- भीड़ का हंगामा, पुलिस ने लाठी फटकार कर हटाया
वारदात के बाद 500 से ज्यादा लोग जुट गए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर 10 थानों की फोर्स पहुंची और लोगों को लाठी फटकार कर हटाया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 5 बजे शव घर पहुंचा, जिसके बाद परिजन अपनी मांगों पर अड़ गए। सांसद बोले- हत्यारों को बचाने वालों को राज्यसभा में नंगा कर दूंगा
राज्यसभा सदस्य डॉ. राधा मोहन अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के समझाने पर परिवार मान गया। देर रात मोहरीपुर के पास घाट पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान करीब 2000 से अधिक लोग मौजूद थे। डॉ. अग्रवाल ने कहा-पार्लियामेंट छोड़कर आया हूं, जो इस हत्याकांड के आरोपियों को बचाने आएगा, उसे राज्यसभा में नंगा कर दूंगा। भाजपा ने विधानसभा का टिकट मांग रहे थे भाजपा नेता
राजकुमार चौहान बरगदवा इलाके में रहने वाले जंगी चौहान के इकलौते बेटे थे। उनकी 18 साल पहले शादी हुई थी। उनकी 2 बेटियां- सोनम (17) और प्रियंका (13) हैं, जबकि 12 साल का बेटा युवराज है। उनकी 4 बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि ओबीसी समुदाय से आने वाले राजकुमार 2027 में बस्ती से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भाजपा से टिकट मांग कर रहे थे। राजकुमार साल- 2018 से 2023 तक पार्षद प्रतिनिधि रहे। उन्होंने अपने ड्राइवर वीरेंद्र चौहान की पत्नी रिंकी देवी को पार्षद बनवाया था। बाद में रिंकी देवी ने भाजपा को समर्थन दे दिया था। एक साल पहले राजकुमार मारपीट के मामले में जेल भी गए थे। राजकुमार ने फेसबुक पर 18 घंटे पहले पोस्ट किया था
राजकुमार चौहान के फेसबुक पर 40K फॉलोअर्स हैं, जबकि वे 25 लोगों को फॉलो करते थे। उन्होंने 16 मार्च को सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर आखिरी पोस्ट की थी। इसमें लिखा-अकेले चलने का हुनर रखता हूं, दिल और जिगर दोनों मजबूत रखता हूं। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने अपने पिता के लिए लिखा था-पिता एक वट वृक्ष हैं, जो अपनी छांव में पूरे परिवार को सुरक्षित रखते हैं। 5 दिन पहले राज्यसभा सांसद के साथ रील पोस्ट की थी
राजकुमार ने 5 दिन पहले राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल के साथ एक रील पोस्ट की थी। इसमें लिखा था- हमारे प्रिय गुरुजी, राज्यसभा सांसद जी। इससे पहले 9 मार्च को उन्होंने कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के साथ भी एक रील पोस्ट की थी। 16 मार्च को लाइव आए थे राजकुमार चौहान
राजकुमार चौहान 16 मार्च को फेसबुक पर लाइव आए थे। वह 28 मिनट तक लाइव रहे। इस दौरान उन्होंने कहा- आप सभी साथियों को जय-जय श्रीराम। लाइव के दौरान एक युवक ने सवाल किया था- चौहानों में एकता नहीं है। इस पर उन्होंने जवाब दिया- ऐसा कुछ नहीं है, आपके साथ जो भी किसी जाति के लोग हों, वही अपने हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें- 1- आगे बढ़ता देखकर जलते थे, गांव में ही दुश्मन थे:पूर्व पार्षद राजकुमार की पत्नी का आरोप; कहा- अब हम कैसे रहेंगे
पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की हत्या के बाद उनकी पत्नी सुशीला चौहान का रो-रो कर बुरा हाल है। वह सड़क पर बैठी रो रही हैं और परिवार की महिलाएं उन्हें संभालने में जुटी हैं। सुशीला ने बताया कि राजकुमार को आगे बढ़ता देखकर गांव के ही कुछ लोग जलते थे। इसी जलन में उन्होंने उनकी हत्या की है। पढ़ें पूरी खबर 2- BJP नेता का हत्या से पहले फेसबुक पर आखिरी पोस्ट, लिखा- अकेले चलने का हुनर रखता हूं, दिल और जिगर दोनों मजबूत रखता हूं
गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले BJP नेता की हत्या कर दी गई। हमले के बाद पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर दोबारा हमला किया और मरने के बाद वहां से भागे। हत्या से18 घंटे पहले राजकुमार चौहान फेसबुक पर आखिरी पोस्ट किया। लिखा- अकेले चलने का हुनर रखता हूं, दिल और जिगर दोनों मजबूत रखता हूं। पढ़ें पूरी खबर

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