मेरठ में बीएसएफ के जवान की हत्या उसकी पत्नी ने सुपारी देकर कराई थी। इसमें उसके बॉयफ्रेंड ने साथ दिया था। बॉयफ्रेंड ने अपने 3 दोस्तों को 6 लाख रुपए में जवान की हत्या की सुपारी दी थी। ये रुपए पत्नी ने अपने जेवर बेचकर दिए थे। इसी पैसों से उसने तमंचा भी खरीदा था। बॉयफ्रेंड बीएसएफ जवान का मौसेरा भाई है। उसके और जवान की पत्नी के बीच अवैध संबंध थे। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन, बीएसफ जवान इसका विरोध कर रहा था। इसके चलते पत्नी ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर जवान की हत्या की प्लानिंग की। 27 मार्च की देर रात बॉयफ्रेंड ने जवान की हत्या करा दी। पुलिस ने पत्नी कोमल और बॉयफ्रेंड गुलशन समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। इस दौरान कोमल बेहाश होकर जमीन पर गिर पड़ी। मामला इंचौली थाना क्षेत्र का है। पहले एक नजर पूरे मामले पर धनपुर गांव में रहने वाले गरीबदास का बेटा नैन सिंह (38) सीमा सुरक्षा बल (BSF) में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात था। 14 साल पहले 2012 में नैन सिंह की शादी कोमल के साथ हुई थी। उसकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल में थी। वह 6 मार्च को छुट्टी पर घर आया था। 2 अप्रैल को उसे ड्यूटी पर वापस जाना था। 27 मार्च को नैन सिंह की पत्नी कोमल अपने दोनों बच्चों रिमी (12), आयुष (7) के साथ फाजलपुर स्थित अपने मायके गई थी। मां विमला मेरठ में अपनी बेटी अंजू के घर थीं। पिता गरीबदास खेत पर गए थे। छोटा भाई प्रदीप मोदीनगर अपने काम पर था। रात में घर में प्रदीप की पत्नी पिंकी और नैन सिंह मौजूद थे। नैन सिंह अपने कमरे में सो रहा था। तभी एक अज्ञात युवक घर में घुसा और उसे गोली मार दी। इससे नैन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। पिता गरीबदास की शिकायत पर इंचोली थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। अब पढ़िए पुलिस ने जो कुछ बताया मौसेरे देवर से था जवान की पत्नी का अफेयर
एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया- घरवालों ने पहले पड़ोसी पर हत्या का शक जताया था, क्योंकि नैन सिंह के परिवार का उनसे जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो पता चला कि वारदात के वक्त सभी अपने काम पर गए थे। इसके बाद पुलिस ने अन्य पहलुओं पर जांच शुरू की। एक एंगल पति-पत्नी के बीच मनमुटाव वाला भी था। छानबीन में पता चला था कि नैन सिंह अपनी पत्नी कोमल के साथ मारपीट करता था। वारदात के समय कोमल अपने मायके फाजलपुर में थी। पुलिस ने कोमल की कॉल डिटेल खंगाली, तो कई संदिग्ध नंबर सामने आए। इसके बाद कोमल की वारदात वाले दिन जिस नंबर पर सबसे अधिक बार बात हुई, उसे खोज निकाला। पुलिस के सामने जुर्म कबूला, बोली- शादी करना चाहते थे यह नंबर नैन सिंह के मौसी के बेटे गुलशन का था। इसके बाद पुलिस ने गुलशन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गुलशन ने बताया- मेरे कोमल से अवैध संबंध हो गए थे। विरोध नैन सिंह इसका करता था। यही नहीं, जबसे हमारे अफेयर के बारे में नैन सिंह को पता चला था, वह कोमल के साथ मारपीट करने लगा था। एक दिन नैन सिंह पत्नी कोमल को पीट रहा था, तब मैंने बीच-बचाव किया। इसको लेकर हम दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ था। इसी झगड़े के बाद कोमल अपने मायके आकर रहने लगी थी। गुलशन के बयान के बाद पुलिस ने कोमल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गुलशन और कोमल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ शुरू की। राज खुलते ही कोमल रोने लगी। उसने बताया कि मेरे गुलशन से संबंध हो गए थे। हम दोनों शादी करना चाह रहे थे। इसी के चलते नैन सिंह सिंह की हत्या की साजिश रची। गुलशन-कोमल ने हत्या की बनाई योजना
कोमल ने बताया कि पति से झगड़े के चलते मैं अपने मायके में रहने लगी। इसके बाद मेरी अक्सर गुलशन से मुलाकात होने लगी। इसी बीच कोमल ने गुलशन के साथ मिलकर हत्या की स्क्रिप्ट तैयार की। इस काम के लिए गुलशन ने अपने दोस्तों राहुल उर्फ पवन, गुड्डू और मोंटू को भी तैयार कर लिया। गुलशन ने नैन सिंह की 6 लाख रुपए में तीनों दोस्तों को सुपारी दी। तय हुआ कि हत्या करते ही तीनों को दो-दो लाख रुपए मिल जाएंगे। पैसा इकट्ठा करने के लिए कोमल ने अपने जेवर बेच दिए। इसी पैसे में से तमंचा खरीदकर दोस्तों को दिया। ये जेवर कोमल को उसकी ससुरालवालों ने ही दिए थे। हत्या वाले दिन गुलशन तीनों दोस्तों को नैन सिंह के घर लेकर गया था। खुद बाहर खड़े होकर इंतजार करने लगा। नैन सिंह की हत्या करने के बाद सभी वहां से भाग गए। आरोपियों ने 27 मार्च को गोली मारी थी
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया- नैन सिंह की हत्या 27 मार्च की रात करीब 1.30 बजे हुई थी। घरवालों को 28 मार्च की शाम करीब 4 बजे हत्या के बारे में पता चला। जवान जब घर आता था, तो वह सोता रहता था। घरवाले भी उसे जल्दी उठाते नहीं थे। पुलिस ने सीसीटीवी चेक किए तो पता चला कि आरोपी 27 मार्च की रात 1.30 बजे नैन सिंह के घर में दाखिल हुए थे। करीब 1:50 बजे हत्या करने के बाद सभी भाग गए। 28 मार्च की शाम तक जब नैन सिंह नहीं उठा, तो उसकी भाभी जगाने पहुंची। जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो नैन सिंह का शव बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा था। एसपी देहात ने बताया- गुलशन और कोमल इस हत्याकांड के सूत्रधार थे। कोमल पहले से अपने मायके रह रही थी। हत्या वाली रात गुलशन अपने दोस्तों राहुल उर्फ पवन, गुड्डू और मोंटू को लेकर नैन सिंह के घर के बाहर पहुंचा। वह तीनों को वहीं छोड़कर चला गया। सबसे पहले गुड्डू हत्या करने अंदर गया, लेकिन वह गोली मार नहीं पाया। इसके बाद राहुल ने तमंचा लिया और अंदर जाकर नैन सिंह को गोली मार दी। गोली नैन सिंह के सिर को भेदकर दीवार से टकराई और फिर कमर में जा घुसी। तीनों वहां से भाग गए थे। बेहोश होकर गिरी पति की कातिल पत्नी
शुक्रवार को एसएसपी अविनाश पांडे ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए सभी पांचों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। सभी के चेहरे ढके हुए थे। पति की हत्या करवाने वाली कोमल भी मौजूद थी। एसएसपी वारदात का खुलासा कर ही रहे थे कि अचानक कोमल बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से कोमल को संभाला। उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल से बाहर लाकर कुर्सी पर बैठाया। पुलिस टीम को मिला 25000 का इनाम
6 दिन के भीतर हत्याकांड का खुलासा करने पर एसएसपी ने स्वॉट टीम और इंचौली थाना पुलिस को सराहा। उन्होंने मौके पर ही 25 हजार रुपए मंगाए और दोनों टीमों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से टीम ने काम किया, वह सराहनीय है। उन्होंने टीम का नेतृत्व करने वाले CO सदर देहात सुधीर सिंह और अंडर ट्रेनी आईपीएस बजरंग प्रसाद की भी सराहना की। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए…
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आगरा का खंदौली इलाका 31 मार्च को अचानक चर्चा में आ गया। वजह- 48 अश्लील वीडियो का एक साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो जाना था। इन वीडियो में 3 लड़के और 2 लड़कियां दिख रही थीं। सभी की उम्र 14 से 17 साल के बीच थी। ये वीडियो उस वक्त वायरल हुए, जब इलाके में ऐतिहासिक श्रीराम मेला चल रहा है। इससे इलाके में तनाव फैल गया। पढ़ें पूरी खबर