चंडीगढ़ में दिवाली की रात साल 2021 में पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में हुए सीमा गोयल हत्याकांड में अब कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर भरत भूषण गोयल के खिलाफ जिला कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। कोर्ट ने मामले में 6 मार्च से सुनवाई तय की है। पुलिस के अनुसार, नवंबर 2021 में दिवाली की रात प्रोफेसर की पत्नी सीमा गोयल का शव उनके पीयू स्थित आवास से बरामद हुआ था। उनके हाथ-पांव बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गला दबाकर हत्या की गई थी। वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया था कि करीब चार साल तक पुलिस मामले की गुत्थी नहीं सुलझा सकी। पुलिस को सुनाई थी लूट की कहानी जांच के दौरान प्रोफेसर ने पुलिस को बताया था कि घटना की रात वह घर की ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे। सुबह नीचे आने पर उन्होंने पत्नी को बंधा हुआ पाया और दरवाजे की जाली कटी हुई देखी। उनका दावा था कि लुटेरे वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि जांच में पता चला कि दरवाजे की जाली अंदर से काटी गई थी। घर से कोई सामान भी गायब नहीं था। ऐसे में लूट की कहानी पर शुरू से ही पुलिस को शक था। जांच एजेंसियों के अनुसार, बयान और घटनास्थल के साक्ष्यों में कई विरोधाभास पाए गए। पालीग्राफ और बीईओएस टेस्ट के बाद गिरफ्तारी करीब 4 साल तक चली जांच के दौरान पुलिस ने कई बार पूछताछ की। नार्को टेस्ट के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी गई, लेकिन फोरेंसिक लैब ने उन्हें अनफिट बताया। बाद में जुलाई 2025 में बीईओएस (ब्रेन इलेक्ट्रिकल ऑसिलेशन सिग्नेचर) टेस्ट कराया गया। पालीग्राफ और बीईओएस टेस्ट की रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर दिसंबर 2025 में पुलिस ने प्रोफेसर को पीयू परिसर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक प्रोफेसर ने 1995 में सीमा गोयल से दूसरी शादी की थी। पहली शादी महज 20 दिन चली थी। जांच में यह भी सामने आया कि दंपति के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। उनकी एक बेटी है, जिससे भी पुलिस ने पूछताछ की थी। मौके पर कोई गवाह नहीं, शातिर प्रोफेसर पुलिस को उलझाता रहा पुलिस को पहले ही हुआ शकः भारत भूषण गोयल पुलिस के आने से पहले ही पत्नी को पड़ोसियों की सहायता से अस्पताल ले गया। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर में क्राइम सीन देखकर पुलिस को आशंका पैदा हुई। हत्या को लूटपाट दिखायाः बीबी गोयल ने हत्या को लूटपाट की घटना बताने के लिए रसोई की जाली को काट दिया था। घर को बाहर से ताला लगा दिया और अलमारी के कपड़े बिखेर दिए। हत्या के बाद उसने ही शोर मचाया। पड़ोसियों की मदद से बाहर से ताला खोला और मृत पत्नी को अस्पताल ले गया। कोई गवाह नहीं मिलाः पुलिस को मौके पर कोई गवाह नहीं मिला था और न ही पुलिस के हाथ कोई सीसीटीवी ही लगी थी। पुलिस ने शक के आधार पर 15-20 बार पूछताछ की है मगर वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं था और इसमें चार साल बीत गए। पुलिस बुलाने की बजाय पड़ोसियों को मौके पर बुलाया था आरोपी ने सबसे पहले पड़ोसियों को बुलाया था कि मेरी पत्नी मर गई है। मर्डर के बाद घर लूट जैसा माहौल बनाया गया था। आरोपी ने बड़ा बक्सा कमरे में उल्टा कर दिया था, ताकि लगे कि कोई घर में आया था। लेकिन मौके से न कोई अंदर आया था, न बाहर गया था। प्रोफेसर के सहकर्मी कहते हैं कि वह शांत स्वभाव के थे। लेकिन पिछले वर्षों में पारिवारिक तनाव दिख रहा था। पीयू ने इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार किया। अब सिलसिलेवार जानें घटना स्थल की वो चीजें जिससे शक गहराया 1. पहली बात जिससे शक हुआ वो यह थी कि आसपास के लोगों ने घर के अंदर और बाहर आते जाते किसी को नहीं देखा था। 2. उसने पुलिस को बताया कि लुटेरे घर को ताला लगाकर चाबी साथ ले गए, ताला उसने डुप्लीकेट चाबी से खोला, जबकि बेटी ने बताया कि ताले की डुप्लीकेट चाबी थी ही नहीं। 3. अलमारी से सामान तो बिखरा था, मगर वहां से चोरी कुछ नहीं हुआ था। 4. फोरेंसिक जांच में सामने आया कि रसोई की जाली अंदर से काटी गई थी और बाहर उस पर कोई फिंगर प्रिंट के निशान नहीं थे।