पप्पू यादव बोले- मेरे मर्डर की प्लानिंग की गई है:कुछ नेताओं ने शूटर्स को 7 करोड़ की सुपारी दी; खेमका-रुपेश हत्याकांड का राज खोलूंगा

“कुछ नेताओं ने मुझे मारने के लिए शूटर्स को 7 करोड़ की सुपारी दी है।” ये आरोप पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की ओर से लगाया गया है। सांसद बुधवार को दिल्ली से पूर्णिया पहुंचे, जहां उन्होंने NEET छात्रा मौत मामले पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरे मर्डर की प्लानिंग हो रही है। पप्पू यादव ने कहा, कुछ कोचिंग माफिया, हॉस्टल के मालिक, मेडिकल माफिया और कुछ नेताओं ने मुझे मरवाने के लिए अपराधियों को 7 करोड़ रुपए दिए हैं। मुझे मारकर किसी को क्या फायदा मिलेगा? मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा। मैं खेमका हत्याकांड, रुपेश हत्याकांड से भी पर्दा उठाऊंगा। पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने मैट्रिक छात्रा के सुसाइड को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- दिल्ली से सीधे पूर्णिया पहुंचे पप्पू यादव पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को 13 फरवरी को कोर्ट से सभी 3 मामलों में बेल मिल चुकी है। जमानत मिलने के बाद वे पहली बार दिल्ली से सीधे पूर्णिया पहुंचे। वहां, सांसद के स्वागत को लेकर समर्थकों के बीच उत्साह दिखाई दिखा। ढोल-नगाड़ों और फूलों की माला और बुके भेंट कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान JCB से फूलों की बारिश कराई गई। सैकड़ों गाड़ियों के साथ विशाल रोड शो निकला है। समर्थक पूर्णिया सांसद जिंदाबाद, बिहार ए शेर जिंदाबाद नारे लगाते रहे। पप्पू यादव के स्वागत की कुछ तस्वीरे देखिए… NEET छात्रा मौत मामले में पप्पू यादव बोले- कौन है संजय, कौन है गुप्ता बीते दिनों दिल्ली में पूर्णिया सांसद पप्पू ने पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए थें। फेसबुक लाइव के जरिए उन्होंने इस मामले को आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या बताया। सांसद के मुताबिक, ‘NEET छात्रा की मौत आत्महत्या नहीं है, साजिश के तहत प्रभात मेमोरियल और कुछ प्रशासन के लोगों ने मेरी बेटी को मारा है। मैं यह केस सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूंगा।” पप्पू यादव ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से CCTV फुटेज की जांच की मांग की। साथ ही कहा कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल और कुछ प्रशासनिक लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और वे इस केस को सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में रहने वाले “संजय” नाम के एक नेता और “गुप्ता” नाम के एक अन्य व्यक्ति का जिक्र किया, लेकिन पूरा नाम नहीं बताया। पप्पू यादव ने कहा- सम्राट चौधरी भाई को कौन भूमिहार का नेता बदनाम करना चाहता था। बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में कौन से ऐसे नेता हैं जिनका नाम संजय है- अंतिम नाम नहीं बोलूंगा- जिसका घर खगड़िया में है। कौन है एक गुप्ता..? जैसे संजय के बाद का नाम नहीं बोला, वैसे ही गुप्ता के पहले का नाम नहीं बोलूंगा। इनके ऑफिस में कौन-कौन जाता था, इन सभी के CCTV फुटेज की जांच करिए। क्या उसमें मनीष रंजन गए थे या नहीं। पप्पू यादव ने कहा कि मनीष रंजन राजनीतिज्ञों के सप्लायर हैं और एपस्टन के नायक हैं। सांसद ने कहा कि वो जल्द ही नीट मामले के सारे सबूत सार्वजनिक करेंगे। पूरे मामले का दस्तावेज के साथ पर्दाफाश करेंगे। डॉक्टरों ने छात्रा को नशे में रखने वाली सुई दी पप्पू यादव ने कहा कि यह पूरा मामला पटना में हुए एक बड़े षड्यंत्र की तरफ इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा को इलाज के दौरान नशे में रखने वाली सुइयां दी गईं। उनका दावा है कि उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बच्ची को संदिग्ध ओपिओइड पॉइजनिंग का मामला बताया गया, लेकिन समय पर जरूरी टेस्ट और एंटीडोट नहीं दिया गया। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि बिना परिवार की अनुमति के प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सबूत मिटाने के लिए गलत दवाइयां देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रभात मेमोरियल और मेदांता समेत अन्य मेडिकल संस्थानों पर प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप लगाया। सांसद ने दावा किया, “छात्रा को लगातार सेडेटिव और Kitmex 50mg इंजेक्शन दिए गए, जबकि वह पहले से ही बेहोशी की हालत में थी। एंटीडोट देने के बजाय सेडेटिव देकर हालत बिगाड़ी गई।” बाद में फेंटेनिल इंजेक्शन दिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और ICU में दी गई दवाओं का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। जांच एजेंसियों पर भी उठाए सवाल उन्होंने कहा कि SIT और CID की जांच कमजोर नहीं थी, बल्कि सिस्टम ने उसे कमजोर बनाया। जब मामला CBI को सौंपा गया तो कुछ लोगों में बेचैनी क्यों दिखी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने Bihar Police, CID और SIT की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की। जेल में साजिश और प्रताड़ना का आरोप पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि जेल में उनके खिलाफ साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि 28 घंटे तक उन्हें ऐसी जगह रखा गया जहां सांप और चूहे थे। 6 से 13 तारीख के बीच उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने जेल सुपरिटेंडेंट के फोन रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि 7 दिनों तक वे डर के कारण ठीक से सो नहीं सके और प्रशासन उन पर झूठा आरोप लगाने की साजिश कर सकता था। उन्होंने कोर्ट में वीडियोग्राफी की मांग पहले ही कर दी थी। अंत में पप्पू यादव ने कहा कि यह सिर्फ मेडिकल लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक साजिश भी हो सकती है। उन्होंने हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की बात कही और दोषियों के नाम सार्वजनिक कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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