परबत्ता प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार देर शाम गोगरी अनुमंडलीय पदाधिकारी (एसडीओ) संजय कुमार और बीडीओ संतोष कुमार पंडित ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी पाई गई। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी रोस्टर के अनुसार कई चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित कर्मियों को फटकार लगाई।अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। सीपीएम अंचल मंत्री नवीन चौधरी सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि परबत्ता सीएचसी की व्यवस्था केवल कागजों पर अच्छी दिखती है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अस्पताल में गरीब और असहाय मरीजों को अक्सर समुचित इलाज के बजाय रेफर कर दिया जाता है। कई बार आवश्यक दवाइयों और बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव रहता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी होती है। लोगों की शिकायतों पर गोगरी अनुमंडलीय पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सुविधाओं का लाभ हर गरीब और जरूरतमंद मरीज तक सही तरीके से पहुंचे। वहीं, बीडीओ संतोष कुमार पंडित ने भी कहा कि सीएचसी में सामने आई कमियों को गंभीरता से लिया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में हलचल तेज हो गई है और व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सीएचसी परबत्ता की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा।