भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार की ओर से वाल्ड सिटी को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिए जाने के फैसले के बाद नगर निगम ने जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। 12 गेटों के भीतर स्थित मीट की दुकानों और पान-बीड़ी के खोखों को हटाने के लिए निगम ने नोटिस जारी कर दिए हैं। अब कच्चा मीट बेचने वाले 20 के करीब दुकानदारों को नोटिस भेजे गए, जिन्हें 7 दिन में दुकानें शिफ्ट करने के लिए कहा गया है। दुकानदारों ने फिलहाल दुकानें शिफ्ट करने से इंकार किया है। मंगलवार को दुकानदारों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए गोलबाग में एकत्रित हुए और अगली रणनीति तैयार की। अमृतसर नॉन वेज शॉप एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित हुए दुकानदारों ने हाईकोर्ट की शरण में जाने का फैसला किया। गौरतलब है कि यह दुकानदार इससे पहले 25 दिसंबर 2025 को भी गोलबाग में जुटे थे। उन्होंने सरकार द्वारा गुरु नगरी को पवित्र शहर का दर्जा दिए जाने का स्वागत तो किया था, लेकिन मांग की थी कि यह हद कम की जानी चाहिए। दुकानदारों ने पहले मांग थी उन्हें उजाड़ने से पहले बसाया जाए, लेकिन सरकार उन्हें उजाड़ रही है कहीं भी बसा नहीं रही है, जिसके चलते रोष है। अमृतसर नॉन-वेज शॉप एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट हुए इन कारोबारियों ने अब कानूनी लड़ाई का मन बना लिया है। एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि बुधवार को वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस कार्रवाई पर रोक (स्टे) लगाने की मांग करेंगे। शरनजीत सिंह गोगी का कहना था िक उनकी मांग है कि उन्हें उजाड़ा न जाएं। क्योंकि पिछले कई दशकों से वह यहीं काम करते आ रहे है और एक बार काम उजड़ जाए तो उसे बसाना काफी मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले दो बार डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर चुके है और उनके समक्ष मुख्यमंत्री से मिलवाने की मांग कर चुके है, लेकिन उन्होंने कोई भी समय नहीं दिलवाया, जिसके चलते समूह दुकानदारों ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। बता दें कि 24 नवंबर 2025 को गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आनंदपुर साहिब में बुलाए गए पंजाब विधानसभा के एक विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह प्रस्ताव पेश किया था। विधानसभा ने सर्वसम्मति से अमृतसर (पुराना शहर/चारदीवारी), श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को ‘पवित्र शहर’ घोषित करने का प्रस्ताव पास किया था।