पानीपत रिफाइनरी में सोमवार को मजदूरों ने अर्धसैनिक बलों पर पथराव किया। मजदूर ओवरटाइम, अधिकारियों के दुर्व्यवहार समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने उनसे शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करने की बात कही। इसके बाद, मजदूर लाठी-डंडों से लैस होकर आगे बढ़ने लगे। कुछ मजदूरों ने पथराव किया और निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पास खड़ी कई गाड़ियों को पलट दिया। वहां 10 से ज़्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी रिफाइनरी पहुंच गई। पुलिस और सुरक्षा बल मिलकर माहौल को शांत करने की कोशिश की। करीब डेढ़ घंटे बाद मामला शांत हुआ। मजदूर अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। रिफाइनरी में हंगामे की तस्वीरें… जानिए कैसे हुआ विवाद…. करीब 40 हजार मजदूरों ने प्रदर्शन शुरू किया रिफाइनरी के अंदर कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। यहां ठेकेदारों के अंतर्गत लगभग 35 से 40 हजार मजदूर अलग-अलग साइटों पर काम करते हैं। सोमवार को सभी मजदूरों ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। सुबह 9:30 बजे मजदूर गेट नंबर 4 के पास धरने पर बैठ गए। अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। CISF कर्मचारियों से कहासुनी के बाद बिगड़ा मामला आरोप है कि दोपहर करीब 1 बजे रिफाइनरी में सुरक्षा में तैनात CISF कर्मचारियों और मजदूरों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद मजदूर भड़क गए। वे हाथों में लाठी-डंडे लेकर आगे की तरफ बढ़े और पथराव कर दिया। इसके बाद भीड़ ने वहाँ तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। DSP बोले- पुलिस ने व्यवस्था संभाली DSP सिटी राजबीर ने कहा कि मजदूरों ने कुछ मांगों को लेकर आज सोमवार को हड़ताल का ऐलान किया था। हड़ताल के दौरान यहां माहौल गर्म हो गया। मौके पर पुलिस ने कानून व्यवस्था को संभाल लिया है। साथ ही मजदूरों के पदाधिकारियों से बात की गई है। उन्होंने अपनी कुछ मांगें लिखित रूप में दी हैं। अभी माहौल शांतिपूर्वक है। रिफाइनरी में काम कर रहे मजदूरों की ये मांग…..