पानीपत से बेगूसराय आए 15Cr. के ‘विधायक’ से मिलिए:इसकी कीमत में 5 फरारी, 7 BMW आ जाए; मालिक बोले- ये पैसा कमाने की फैक्ट्री है

नाम- विधायक, उम्र- साढ़े चार साल, वजन- 1500 किलो, कीमत- 15 करोड़ रुपए ये किसी शख्स का नहीं, बल्कि हरियाणा के पानीपत से बेगूसराय लाए गए एक भैंसे की प्रोफाइल है। ‘विधायक’ नाम के इस भैंसा को देखने के लिए पिछले दो दिनों में सैंकड़ों लोग आए। ‘विधायक’ संग वीडियो बनाया, सेल्फी ली और इसके बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि जितनी कीमत इस भैंसे की है, उसमें शुरुआती कीमत वाली 5 फरारी कार और टॉप मॉडल की 4 मर्सिडीज कार आ जाएंगी। दरअसल, बेगूसराय के बरौनी हर्ल खाद कारखाना मैदान में बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो का आज आखिरी दिन है। तीन दिनों तक चले कैटल एक्स्पो में हरियाणा के पानीपत का ‘विधायक’ चर्चा का विषय रहा। इस भैंसे के मालिक का नाम नरेंद्र सिंह हैं, जिन्हें पशुपालन के फील्ड में बेहतर करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। भैंसे का नाम विधायक क्यों है, इस भैंसे की नस्ल कौन सी है, कीमत 15 करोड़ क्यों है, 1500 किलोग्राम वजनी भैंसे की डाइट क्या है, इस भैंसे को बेगूसराय क्यों लाया गया था? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…। सबसे पहले जानिए, ‘विधायक’ को आखिर बिहार क्यों लाया गया था? ‘विधायक’ के मालिक नरेंद्र सिंह बताते हैं कि बिहार के किसानों की आर्थिक स्थिति पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी और अन्य जगहों के किसानों से बेहतर नहीं है। किसानी सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। इसमें पशुपालन भी आता है। उन्होंने कहा, ‘पशुपालक किसानों के आर्थिक समृद्धि और नई नस्ल के पशुओं को तैयार करने के साथ आधुनिक पशुपालन का गुर सीखाने के उद्देश्य से मुझे बेगूसराय बुलाया गया था। अगर आज के युवा को बेहतर काम न मिल रहा हो, तो वो एक बार पशुपालन में अपना हाथ आजमाए, बेहतर कमाई होगी।’ ‘विधायक मेरे लिए एसेट्स नहीं, बल्कि फैक्ट्री है’ पानीपत के डाहर गांव के पद्मश्री किसान नरेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘विधायक’ सिर्फ मेरे लिए एक संपत्ति ही नहीं, बल्कि वो मेरे लिए फैक्ट्री है। 15 करोड़ कीमत का राज इसकी नस्ल और जेनेटिक्स में छिपा है।’ नरेंद्र सिंह ने बताया, ‘विधायक मुर्रा नस्ल का एक बेहतरीन नमूना है, जिसे काला सोना कहा जाता है। इसकी कद-काठी, चमकीली त्वचा और मुड़े हुए सींग इसे वर्ल्ड क्लास बनाते हैं।’ ‘इसके एक सीमेन स्ट्रॉ की कीमत 300 रुपए होती है। इससे पैदा होने वाले बच्चे 25 लीटर से अधिक दूध देने की क्षमता रखते हैं। देश के विभिन्न राज्यों पंजाब, राजस्थान और यूपी के किसान इसका सीमेन के लिए एडवांस बुकिंग करवाते हैं। इससे होने वाली सालाना आय करोड़ों में पहुंच जाती है।’ ‘विधायक’ का रख-रखाव किसी राजा-महाराज से कम नहीं है विधायक का रखरखाव किसी राजा-महाराजा से कम नहीं है। इसकी सेहत का राज इसके खान-पान और कसरत में है। विधायक हर दिन भारी मात्रा में पोषक तत्व लेता है। इसमें उत्तम क्वालिटी का दूध, घी, चना, खल और बिनौला शामिल है। इसके अलावा उसे मौसमी फल और हरा चारा दिया जाता है। त्वचा की चमक बरकरार रखने के लिए रोजाना सरसों के तेल से मालिश की जाती है। गर्मी से बचाने के लिए इसके पास खास पंखे और कूलर का इंतजाम रहता है। फिट रखने के लिए रोजाना पांच किलोमीटर की सैर कराई जाती है। इसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल होते हैं। जब भी यह किसी पशु मेला या एक्सपो में पहुंचता है तो इसके साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती है। ये लोगों को जागरूक करता है कि किसान अब सिर्फ खेती पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे उन्नत नस्ल के पशुओं के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। नरेंद्र सिंह बोले- 2023 में गोलू-2 को लेकर आया था, वो 8 करोड़ का था पद्मश्री किसान नरेंद्र सिंह बताते हैं कि ‘बिहार की सरकार ने बुलाया है। 2023 में भी मैं गोलू-2 को लेकर आया था, उसकी कीमत 8 करोड़ थी, इस बार विधायक को लेकर आया हूं। साढे चार साल की उम्र का हमारा यह विधायक नाम का भैंसा 2 साल की उम्र से कंपटीशन में भाग ले रहा है और 20 से अधिक कंपटीशन में पहले स्थान पर रहा है। इसके माता-पिता भी काफी उन्नत किस्म के थे।’ ‘गाय या भैंस जो भी हो, उसके लिए अच्छे सीमेन का प्रयोग करो’ नरेंद्र सिंह कहते हैं, ‘हरियाणा में देसी-विदेशी नस्ल की बात हो वहां पर प्योर ब्रीड होता है। वहां की भैंसियां कई वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। बिहार में भैंस 15 लीटर से अधिक दूध नहीं दे रही है। देसी गाय 12-15 लीटर से अधिक दूध नहीं दे रही है। विदेशी नस्ल की गाय 40 लीटर से अधिक की दूध नहीं दे रही है। जबकि हरियाणा में दूध उत्पादन का बहुत लंबा रिकॉर्ड है। हम यहां के किसानों को संदेश देना चाहेंगे कि गाय या भैंस जो भी हो, उसके लिए अच्छे सीमेन का प्रयोग करो।’ नरेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘विधायक’ का चेहरा देखकर समझ जाते हैं कि शरीर में क्या परेशानी है और तुरंत उस पर काम करते हैं, इलाज करते हैं। हमने इसके लिए दो ट्रेंड वर्कर रखा है, वह भी इसे देखते ही समझ जाते हैं कि क्या परेशानी है।’ ‘दिन भर में तीन बार नियमित समय पर खाना देते हैं। सर्दी के समय में एक बार और गर्मी के समय में चार बार नहलाकर इसकी मालिश करते हैं। साल में इसका कितना सीमेन बेच लेते हैं, उसका खुद हमको भी अंदाजा नहीं है।’ ‘विधायक’ के सीमेन के एक डोज की कीमत 300 रुपए है पद्मश्री किसान नरेंद्र सिंह ने कहा, बेगूसराय में भी हम अपने विधायक भैंसा का सीमेन लेकर आए हैं। जिसकी काफी डिमांड है और लोग खरीद कर ले जा रहे हैं। जिससे यहां भी अब मुर्रा किस्म का उन्नत बच्चा पैदा होगा। हमने इसके सीमेन के एक डोज की कीमत 300 रखी है। इसका सीमेन देश भर के लगभग सभी राज्यों में जाता है। विदेश में भैंस बहुत कम पाली जाती है, इसलिए अभी हम सीमेन विदेश नहीं भेजते हैं।’ ‘विधायक’ सबसे अधिक उन्नत 5वीं पीढ़ी का भैंसा है नरेंद्र सिंह ने बताया, ’मैंने पहले के अपने भैंसों का नाम गोलू-2, शहंशाह, सांसद, मंत्री तक रखा और उसमें सबसे अधिक उन्नत पांचवीं पीढ़ी का यह विधायक है। इसे मैंने खुद तैयार किया है। हमारे विधायक के शरीर में सारी खूबियां ही है, कोई माइनस पॉइंट नहीं है। सिंग दोनों बराबर है, पूरा शरीर पूरी तरह से जेड ब्लैक है, कहीं कोई दूसरा चिन्ह नहीं। पैर पूरी तरह से सीधे हैं।’ वे कहते हैं कि पशुपालन के कारण ही 2019 में मुझे पद्मश्री सम्मान मिला। मेरे पास हमेशा 100 के आसपास जानवर रहे हैं, अभी लेबर का कुछ मारामारी हुआ है तो भी 70 से 80 पशु हैं। मेरा यह विधायक एक फैक्ट्री के समान है।

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