भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब में यूथ क्लबों की हकीकत अब खुलकर सामने आने लगी है। कागजों में सैकड़ों क्लब चल रहे हैं, लेकिन मैदान में गिनती के ही एक्टिव हैं। इसी को देखते हुए डायरेक्टर युवक सेवाएं पंजाब ने यूथ क्लब एफिलिएशन पॉलिसी 2025 के तहत बड़ा फैसला लिया था कि सिर्फ नाम के यूथ क्लब अब नहीं चलेंगे। सभी एफिलिएटिड यूथ क्लबों डायरेक्टर यूथ विभाग की तरफ से पब्लिक नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के सहायक डायरेक्टर युवक सेवाएं कार्यालय में पिछले तीन साल (2023-24, 2024-25, 2025-26) की गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड और सबूत जमा करवाएं। अगर क्लब यह जानकारी देने में असफल रहते हैं या उनकी कारगुजारी संतोषजनक नहीं पाई जाती, तो बिना किसी और नोटिस के उनकी एफिलिएशन रद्द कर दी जाएगी। जालंधर जिले की स्थिति सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है। यहां करीब 950 यूथ क्लब रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 30 से 40 क्लब ही जमीन पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। बाकी क्लब या तो बंद हो चुके हैं या सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। विभाग अब ऐसे सभी निष्क्रिय क्लबों को हटाने की तैयारी में है। पंजाब सरकार जल्द गांव स्तर पर यूथ क्लबों के माध्यम से खेल किटें बांटने जा रही है, लेकिन उससे पहले विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किट सिर्फ एक्टिव और वास्तविक क्लबों तक ही पहुंचें, न कि फर्जी या निष्क्रिय संस्थाओं को।