प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि LPG को लेकर कुछ लोग जानबूझकर पैनिक का माहौल बना रहे हैं और इससे फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं, लेकिन संकट के समय इस तरह का माहौल देश के लिए नुकसानदायक होता है। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि LPG की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रधानमंत्री गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित NXT समिट में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण हैं और युद्ध की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा- ऐसे समय में देश को शांति और धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करना होगा। संकट के समय हर किसी की जिम्मेदारी होती है। इसमें चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, सामाजिक संस्थाएं हों या फिर गांव और शहर के लोग। प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पूरा देश एकजुट होकर काम करता है तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान हो जाती है। उन्होंने कहा कि आज देश के सामने एक और चुनौती है और इसे भी हमें मिलकर ही पार करना होगा। पीएम की स्पीच की बड़ी बातें… समिट में दुनिया भर के पॉलिटिकल लीडर्स शामिल होंगे NXT समिट 2026 में दुनिया भर के पॉलिटिकल लीडर्स, डिप्लोमैट्स, साइंटिस्ट्स और बिज़नेस एग्जीक्यूटिव्स को एक साथ लाने वाले तीन दिन के लीडरशिप फोरम में चीफ गेस्ट के तौर पर भाषण देंगे। तीन दिन का यह समिट, ITV नेटवर्क की NXT पहल के तहत संडे गार्डियन फाउंडेशन और न्यूज़एक्स के साथ मिलकर आयोजित किया गया है। ये भारत मंडपम में होगा और इसमें भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत का भाषण भी होगा। इस समिट में केंद्र सरकार के कई सीनियर सदस्य शामिल होंगे, जिनमें पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, जितेंद्र सिंह, मनोहर लाल खट्टर और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हैं। चर्चा में हिस्सा लेने वाले भारत भर के पॉलिटिकल लीडर्स में नायब सिंह सैनी, विवेक तन्खा, निशिकांत दुबे, मनीष तिवारी और शशि थरूर शामिल हैं, जबकि फॉरेन पॉलिसी पर चर्चा में हर्षवर्धन श्रृंगला शामिल होंगे। इन देशों को लोग शामिल होंगे इस समिट में भूटान, स्वीडन, न्यूज़ीलैंड, नॉर्वे, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, समेत 25 से ज्यादा देशों के पॉलिटिशियन और डिप्लोमैट्स तीन दिन के समिट के दौरान कई सेशन में फैली चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। दुनिया भर के 125 से अधिक प्रमुख राजनीतिक नेता, राजनयिक, वैज्ञानिक, उद्योग अधिकारी और नीति विशेषज्ञ विचार-विमर्श में भाग लेंगे।