पंजाब के मोहाली में तीन लुटेरों ने 18 टायरों वाला सरिए से भरा ट्राला फिल्मी अंदाज में लूट लिया। आरोपी एक कार में आए, जिस पर पुलिस की बत्ती लगी हुई थी। उन्होंने ट्राले को रुकवाकर दस्तावेज जांचे और उसे ओवरलोड़ बताकर थाने ले जाने के बहाने लूटकर फरार हो गए। आरोपी जाते समय उनके मोबाइल फोन भी छीनकर ले गए। ताकि वह किसी से संपर्क न कर पाए। ड्राइवर कंडक्टर ने किसी तरह आधी रात वहां पर एक ट्रायल वाले मैकेनिक से फोन लेकर अपने मालिक को सूचित किया। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सारी कहानी को 5 प्वाइंटों में सिलसिलेवार जानिए – 1. अक्सर ट्राला लेकर मोहाली-खरड़ आते हैं अशोक यादव निवासी मंडी गोबिंदगढ़ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह PB32P4757 टाटा 4018 रंग सफेद 18 टायर वाले ट्राले में बतौर ड्राइवर काम करता है। यह ट्राला उसके मामा सुंदर यादव निवासी मंडी गोबिंदगढ़ के नाम रजिस्टर्ड है। मैं अक्सर ट्राला लेकर मोहाली खरड़ आता-जाता रहता हूं। 2.टायर गर्म होने पर लांडरां के पास ट्राला रोका 11 फरवरी को रात 10:00 बजे मैं और कनेक्टर अनिल कुमार ट्राले में मौजूद थे। ट्राले पर मंडी गोबिंदगढ़ के सुरिंद्रा इंडस्ट्रियल कारपोरेशन का 35 टन के करीब सरिया लोड था। इसे लेकर खरड़ जाना था। हमने रास्ते में खाना खाया था। जब लांडरा चौक के पास पहुंचने वाले थे तो उससे करीब आधा किलोमीटर पीछे मैंने ट्राला सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। क्योंकि सरिया लोड होने से टायर गर्म हो गए थे। 3. RTO मुलाजिम समझ कागज चैक करवाएं इसी बीच 12 फरवरी को सुबह तीन बजे का समय होगा, मैं और अनिल ट्राले में बैठकर बातें कर रहे थे। इतने में एक गाड़ी आई, जिस पर पुलिस की लाइट लगी हुई थी। उस गाड़ी में तीन लोग सवार थे। जिनमें से एक ने हमारे ट्राले में ड्राइवर साइड वाली खिड़की खड़काई। इस दौरान उन्होंने गाड़ी के कागज मांगे। मैंने आरटीओ दफ्तर का मुलाजिम समझकर उन्हें कागज चेक करवाए। 4. हमें अपनी गाड़ी में बिठाया, ट्राला लेकर चला गया इसके बाद उन्होंने हम दोनों को नीचे उतारकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। जबकि उनका एक व्यक्ति हमारे ट्राले की जांच करने लग पड़ा। इसके बाद ट्राले में चढ़ा व्यक्ति हमारा ट्राला लेकर चल पड़ा। इस पर उन्होंने कहा कि वह हमारा ट्राला लेकर जा रहा है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि आपका ट्राला ओवरलोड है। ऐसे में हम इसे थाने लेकर जा रहे हैं। 5.मोबाइल छीना, धक्का देकर हुए फरार इसके बाद उन्होंने हमें गाड़ी से से नीचे उतार दिया। हमारे फोन भी छीन लिए। वह भी तेजी से वहां से फरार हो गए। इसके बाद हमने वहां टायर वाले मिस्त्री से मांगकर फोन लिया और गाड़ी छीनने के बारे में अपने मामा को सूचित किया। इसके बाद वह मौके पर आए और हम लेकर थाने गए।