पूर्णिया में होगा राजकीय मां कामाख्या महोत्सव का आयोजन:19 से 28 मार्च तक दिखेगा आस्था का अनूठा संगम, 9 दिनों तक उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु

पूर्णिया में राजकीय मां कामाख्या महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के. नगर प्रखंड के मजरा पंचायत स्थित मंदिर परिसर में 19 से 28 मार्च तक चलेगा। जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। यहां आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। मां कामाख्या का ये भव्य दरबार सालों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। ये मंदिर हजारों वर्ष पुराना है। ऐसी मान्यता है कि बंगाल के बाद बिहार में मां कामाख्या का यह प्रमुख मंदिर पूर्णिया में ही स्थित है। सच्चे दिल से मन्नत मांगने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। हर मंगलवार को यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। श्रद्धालु इच्छा पूर्ति के लिए पान और चावल चढ़ाते हैं। सालभर यहां भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। एसपी ने किया निरीक्षण वहीं, इस राजकीय महोत्सव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डीएम अंशुल कुमार और पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने मंदिर परिसर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया है। अधिकारियों और मंदिर कमेटी के सदस्यों के साथ अहम बैठक की है। बैठक में तय किया गया कि महोत्सव और मेले का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। मेला परिसर में मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी, व्यवस्थित पार्किंग, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह चाक-चौबंद रखा जाएगा, ताकि किसी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। मंदिर की भव्यता और पहचान मां कामाख्या मंदिर के पुजारी गौरीकांत झा और मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि तीन साल पहले बिहार सरकार की ओर से इस महोत्सव को राजकीय दर्जा दिया गया था। बिहार सरकार की खाद्य संरक्षण एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह के अथक प्रयास से मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम भी शुरू हुआ है। इससे मंदिर की भव्यता और पहचान दोनों बढ़ी हैं। राजकीय मां कामाख्या महोत्सव के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें कलश पूजन, हवन-यज्ञ, रामधुन संकीर्तन, मां चंडी पाठ, प्रवचन और श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा कई बड़े कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जिससे श्रद्धालु भक्ति के साथ मनोरंजन का भी आनंद ले सकेंगे। डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि मां कामाख्या महोत्सव राजकीय स्तर का आयोजन है। हमारी पूरी कोशिश है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं और व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखी जाएंगी। एसपी स्वीटी सहरावत ने कहा कि महोत्सव के दौरान सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। विधि-व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में मां के दर्शन कर सकें।

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