पटियाला में हलका शुतराना में एक टैक्सी ड्राइवर ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें उसने एक पूर्व विधायक और कुछ रसूखदार लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। उसने कहा- कुछ लोगों ने मुझे और मेरे बच्चों को टैक्सी स्टैंड पर पीटा। इन्हें पूर्व विधायक की शह है। पूर्व विधायक उल्टा हम पर ही FIR करने का दबाव पुलिस पर डाल रहा था। इसलिए, मुझे मरना पड़ रहा है। मृतक की पहचान बलजिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो हमझेरी गांव का रहने वाला था। पुलिस ने मृतक के अंतिम वीडियो और मृतक के बेटे के बयानों के आधार पर 4 नामजद सहित अन्य अज्ञातों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वीडियो में टैक्सी ड्राइवर ये बातें बोलीं… बेटा बोला- गाड़ी भी तोड़ डाली मृतक के बेटे कृष्ण सिंह ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी। उसने बताया कि आरोपी मेजर सिंह और उसके साथी पिता को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। 3 अप्रैल को आरोपियों ने टैक्सी स्टैंड पर पहुंचकर बलजिंदर सिंह के साथ न सिर्फ मारपीट की, बल्कि वहां खड़ी उनकी गाड़ी को भी तोड़ दिया। इसी जिल्लत और प्रताड़ना से दुखी होकर बलजिंदर ने शाम को जहर निगल लिया। हरियाणा के अस्पताल में तोड़ा दम जहर निगलने के बाद बलजिंदर सिंह की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत हरियाणा के टोहाना स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान रात में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए समाणा के सरकारी अस्पताल भेजा। वहां से शव परिजन को सौंप दिया गया। परिजन ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न्याय की मांग जारी रखेंगे। पुलिस ने FIR दर्ज की इस मामले में जांच अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि कृष्ण सिंह के बयान और वायरल वीडियो के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें मेजर सिंह, कर्मजीत सिंह उर्फ पीचा बंटी (निवासी पातड़ां) और दीपक (निवासी समाणा) के अलावा कुछ अज्ञात व्यक्ति आरोपी हैं। पूर्व विधायक बोले- यह राजनीतिक साजिश मामले में नाम आने पर शुतराना के पूर्व विधायक निर्मल सिंह ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा- मैं काफी समय से सक्रिय राजनीति से दूर हूं। मैं न तो मृतक को जानता हूं और न ही इस घटना से मेरा कोई लेना-देना है। मुझे एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। पुलिस को इस मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।