दिल्ली को हाल ही में नया उप-राज्यपाल मिला है। देश के वरिष्ठ राजनयिक रह चुके तरणजीत सिंह संधू समुदंरी को दिल्ली का नया एलजी नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा की गई इस नियुक्ति के बाद उन्होंने पूर्व एलजी विनय कुमार सक्सेना की जगह ली है, जिन्हें अब लद्दाख का उप-राज्यपाल बनाया गया है। तरणजीत सिंह संधू समुदंरीअम मूल रूप से पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक प्रतिष्ठित सिख परिवार में हुआ और उनके दादा तेजा सिंह समुंदरी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संस्थापकों में से एक माने जाते हैं। पढ़ाई की बात करें तो संधू ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और बाद में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से मास्टर डिग्री हासिल की। सेंट स्टीफेंस और JNU से की पढ़ाई साल 1988 में उन्होंने भारतीय विदेश सेवा यानी IFS जॉइन की और लगभग तीन दशक से अधिक समय तक भारत की कूटनीति में अहम भूमिका निभाई। संधू ने अपनी राजनयिक यात्रा की शुरुआत यूक्रेन में भारतीय दूतावास खोलने और वहां राजनीतिक एवं प्रशासनिक विंग के प्रमुख के रूप में की। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में प्रथम सचिव, फ्रैंकफर्ट में महावाणिज्य दूत, वाशिंगटन में उप मुख्य दूतावास अधिकारी और विदेश मंत्रालय में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त के रूप में भी उन्होंने सेवाएं दीं। अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में पहचान उन्हें सबसे ज्यादा पहचान तब मिली, जब उन्हें 2020 में अमेरिका में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया। यूनाइडेट स्टेट में भारत के राजदूत के रूप में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान रक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी के कई अहम समझौते हुए। डिप्लोमैटिक करियर से रिटायर होने के बाद संधू ने राजनीति में कदम रखा और 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP की ओर से अमृतसर सीट से चुनाव भी लड़ा। हालांकि इस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिल सकी। अब दिल्ली के उप-राज्यपाल के रूप में तरणजीत सिंह संधू के सामने राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन, विकास और केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने जैसी कई अहम जिम्मेदारियां होगी।