वेयरहाउस DM गगनदीप रंधावा सुसाइड केस के आरोपी पंजाब की AAP सरकार के मंत्री रहे लालजीत भुल्लर को पुलिस ने सोमवार दोपहर अचानक गिरफ्तार कर लिया। रंधावा के डाइंग डिक्लेरेशन का वीडियो होने के बावजूद पहले पुलिस ने FIR दर्ज करने में पूरा दिन गुजारा। उसके बाद गिरफ्तारी की बारी आई तो न सरकार ने मुंह खोला और न पुलिस कुछ बोली। विरोधी दलों ने एकजुट होकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन तक किया लेकिन तब भी किसी ने कुछ नहीं कहा। सरकार के सोर्सेज जांच के बाद ही गिरफ्तारी की बात करते रहे। वहीं अमृतसर पुलिस भी भुल्लर को गिरफ्तार करने की जगह रंधावा के परिवार पर प्रेशर बनाती रही कि वह पोस्टमॉर्टम करवाकर अंतिम संस्कार करें, उसके बाद गिरफ्तारी के बारे में बात करेंगे। पुलिस से लेकर सरकार तक कहीं ये चर्चा भी नहीं थी कि भुल्लर की गिरफ्तारी भी हो सकती है। सोमवार दोपहर अचानक माहौल बदल गया। एक तरफ पूरा पंजाब ये देख रहा था कि किसी को मरने के लिए मजबूर करने जैसे केस में AAP सरकार अपने मंत्री रहे भुल्लर को नहीं पकड़ रही तो दूसरी तरफ यह मामला पंजाब से निकलकर लोकसभा तक पहुंच गया। इस पर जब गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे लिखकर दो, CBI को जांच दे दूंगा। इससे पंजाब में जबरदस्त हलचल मच गई। शाह के बयान के 3 घंटे बाद ही भुल्लर नाटकीय ढंग से मंडी गोबिंदगढ़ में अरेस्ट कर लिए गए। भुल्लर ने आरोप से लेकर FIR दर्ज होने तक क्या किया, गिरफ्तारी कैसे संभव हुई, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी… पहले जानिए, आरोप-FIR के बाद भुल्लर क्या करते रहे
भुल्लर के करीबी सोर्सेज के मुताबिक सुसाइड केस में नाम आते ही लालजीत भुल्लर का इस्तीफा हो गया। भुल्लर को उम्मीद थी कि इस्तीफे के बाद बवाल नहीं मचेगा। अगर विरोधी सवाल उठाएंगे तो सरकार और भुल्लर के करीबी कहेंगे कि मंत्रीपद छोड़ दिया। इसे और प्रभावी बनाने के लिए ही भुल्लर ने CM भगवंत मान के इस्तीफे मांगने के दावे को खारिज कर कहा कि मैंने खुद ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है। हालांकि सुसाइड करने वाले DM गगनदीप रंधावा का डाइंग डिक्लेरेशन था, इस वजह से विरोधियों को AAP सरकार के खिलाफ बड़ा मौका मिल गया। उन्होंने अस्पताल और मृतक के घर से लेकर थाने तक मोर्चा खोल दिया। अकाली दल, कांग्रेस और BJP, सभी पार्टियों के बड़े नेता एक मंच पर आ गए। देर रात तक थाने में भी मोर्चा लगा दिया। जब ये सब हो रहा था तो भुल्लर पट्टी में बैठकर अपने घर से सारी स्थिति देख रहे थे। उधर, चंडीगढ़ में AAP सरकार भी समझ रही थी कि डाइंग डिक्लेरेशन का वीडियो होने के बावजूद पर्चा दर्ज न करने को लेकर सवाल तेज हो रहे हैं। रंधावा का परिवार भी अड़ गया कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं होगा। मामला मंत्री से जुड़ा था तो इसका सेक चंडीगढ़ में AAP सरकार से लेकर दिल्ली में AAP के हाईकमान को भी लगने लगा। यही वजह है कि 21 मार्च की आधी रात को करीब 18 घंटे बाद FIR दर्ज कर ली गई। जिसमें भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और PA दिलबाग सिंह को आरोपी बनाया गया। हालांकि इसमें टेंडर में करप्शन और सरकारी काम में बाधा डालने जैसी धाराएं न लगाने के सवाल अब भी उठ रहे हैं। बहरहाल, जैसे ही भुल्लर को पता चला कि रात में FIR हो गई है तो वह तड़के ही पट्टी स्थित घर से निकल गए। भुल्लर कहां गए, इसके बारे में सार्वजनिक तौर पर किसी को पता नहीं था। वह कब गए, किस गाड़ी में गए, यह भी किसी को नहीं बताया। भुल्लर जानते थे कि घर में ही रहेंगे तो विरोध तेज होगा और मीडिया में भी सवाल उठेंगे, इसलिए वह अंडरग्राउंड हो गए। इसके बाद परिवार और विरोधी गिरफ्तारी की मांग करते रहे लेकिन पुलिस कहती रही है कि जांच हो रही है। पत्नी का प्रेशर और शाह का बयान
रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने भी बड़े तरीके से सरकार पर प्रेशर बनाया। उन्होंने पहले ये कहकर पोस्टमॉर्टम नहीं कराया कि AAP मंत्री पर FIR दर्ज करो। पुलिस को मजबूर होकर उनकी बात माननी पड़ी। FIR होने के बाद पत्नी ने कहा कि अब भुल्लर को गिरफ्तार करो। वह जानती थी कि एक बार पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार हो गया तो उसके बाद फिर सुनवाई मुश्किल हो जाएगी। इस वजह से वह स्टेप वाइज स्टेप संघर्ष आगे बढ़ाती रहीं। FIR के बाद अमृतसर पुलिस दौड़ी आई कि अब पोस्टमॉर्टम के लिए मंजूरी दे दो। मगर, पत्नी ने साफ कर दिया कि पहले आरोपी को गिरफ्तार करो फिर आना। पत्नी का प्रेशर पुलिस पर बढ़ने लगा। पुलिस और सरकार का ये रवैया पूरा पंजाब भी देख रहा था। इसी वजह से पुलिस पर तो प्रेशर बन रहा था लेकिन चंडीगढ़ से सरकार से कोई ग्रीन सिग्नल नहीं मिल रहा था। AAP के प्रवक्ता गिरफ्तारी के बजाय पिछली सरकारों के समय मंत्रियों पर लगे आरोपों की दुहाई देने लगे। मगर, सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे एकदम से हालात बदल गए। लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू और अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला ने मुद्दा उठाया कि पंजाब में एक अफसर ने सुसाइड कर लिया। सरकार मंत्री को गिरफ्तार नहीं कर रही है। गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा से जाने वाले थे लेकिन वह इस मामले से अनजान नहीं थे। गुरजीत औजला अभी बात भी पूरी नहीं कर सके थे कि शाह जाते-जाते रुके और कहा कि पंजाब के सारे सांसद मुझे लिखकर दे दो, मैं तुरंत इसकी जांच CBI को दे देता हूं। शाह के इस बयान से पूरे पंजाब में हलचल मच गई। AAP सरकार भी जानती थी कि पंजाब के 13 में से उनके सिर्फ 3 ही सांसद हैं। 7 कांग्रेस के हैं, जो CBI जांच की मांग कर रहे हैं। अकाली दल की सांसद हरसिमरत बादल और जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल के पिता भी रंधावा परिवार को समर्थन दे चुके हैं। बहुमत सीधे तौर पर AAP के खिलाफ था। शाह के बयान के तुरंत बाद कांग्रेस के 4 सांसदों और अकाली सांसद ने CBI जांच की मांग के लिए लिखकर भी दे दिया। चूंकि शाह ने कहा था कि वह तुरंत ही जांच दे देंगे तो इससे अमृतसर पुलिस से ज्यादा हलचल AAP सरकार में थी। जांच CBI को जाती तो फिर अगले साल होने वाले चुनाव तक यह मुद्दा सरकार और AAP के गले की फांस बन जाता। CBI का नाम आते ही 3 घंटे में पलटी गेम
पंजाब में रंधावा परिवार, उनके समर्थक, विपक्षी दल और मीडिया की नजर इस पर थी कि शाह कब CBI जांच के आदेश देते हैं। मगर, AAP सरकार का पूरा तंत्र चंडीगढ़ में एक्टिव हो चुका था। भुल्लर को लेकर क्या करना है, इस पर चंडीगढ़ में सरकार और पुलिस हेडक्वार्टर के बीच चर्चा होने लगी। करीब-करीब 2 घंटे बाद ही फाइनल हो गया कि भुल्लर को गिरफ्तार किया जाएगा। मगर, ये सब कैसे किया जाए, यह भी सरकार को सोचना था। इसकी वजह ये थी कि सरकार नहीं चाहती थी कि भुल्लर की गिरफ्तारी की जगह इतनी नजदीक हो कि तुरंत मीडिया स्पॉट पर पहुंच जाए। भुल्लर लुधियाना में थे, खुद उन्होंने ये बात कही। मगर, उनकी गिरफ्तारी फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ से की गई। मंडी गोबिंदगढ़ इंडस्ट्रियल टाउन है, यहां किसी बड़े शहर से मीडिया का जल्दी पहुंचना आसान नहीं था। यही वजह है कि भुल्लर की गिरफ्तारी का सबको तब पता चला, जब पुलिस उन्हें थाने लेकर चली गई। पुलिस ने भुल्लर को जब गिरफ्तार किया तो वह लाइट स्काई ब्लू शर्ट और बोटल ग्रीन टर्बन में दिखे। अमृतसर पुलिस जब उन्हें थाने से कार में बैठाकर बाहर लेकर आई तो उनका चेहरा पूरी तरह से उतरा हुआ लग रहा था। हालांकि भुल्लर ने गिरफ्तारी पर खुद ही सवाल खड़े किए कि उन्होंने तो सरेंडर किया है। भुल्लर ने कहा- लुधियाना में थे और वहां से आते वक्त मंडी गोबिंदगढ़ में सरेंडर किया है। पुलिस का दावा है कि उन्हें सर्विस लेन पर घेरकर अरेस्ट किया। भुल्लर किसकी फॉर्च्यूनर इस्तेमाल कर रहे थे, 22 मार्च तड़के से लेकर 23 मार्च की दोपहर तक वह लुधियाना में कहां और किसके पास रहे, इसके बारे में भी पुलिस के पास अभी कोई जवाब नहीं है। भुल्लर के सरेंडर के दावे को DCP ने खारिज किया
भुल्लर के सरेंडर के दावे को अमृतसर के DCP इन्वेस्टिगेशन रविंदरपाल सिंह संधू ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मंडी गोबिंदगढ़ पुलिस ने उन्हें मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार कर अमृतसर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस पार्टियां लगातार उन्हें लोकेट कर रही थीं। जैसे ही इनपुट मिला तो फतेहगढ़ साहिब, खन्ना व अन्य जिलों की पुलिस को सूचित कर दिया था। ॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबरें भी पढ़ें… DM रंधावा की पत्नी का इंटरव्यू: उपिंदर बोलीं- सरकार भुल्लर की, पुलिस उनकी, भरोसा कैसे करूं, मुझे CBI जांच चाहिए अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा सुसाइड केस में पूर्व AAP मंत्री लालजीत भुल्लर की तीसरे दिन गिरफ्तारी हो गई। यह एक्शन तब हुआ, जब लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने CBI जांच का भरोसा दे दिया। हालांकि, भुल्लर की गिरफ्तारी से रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर संतुष्ट नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें… रंधावा सुसाइड, पूर्व AAP मंत्री की आज कोर्ट में पेशी:पोस्टमॉर्टम याचिका पर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई, दोपहर को होगा अंतिम संस्कार पंजाब में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड के दो दिन बाद अमृतसर पुलिस द्वारा अरेस्ट किए गए पट्टी के विधायक व पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को आज (24 मार्च) अमृतसर कोर्ट में पेश किया जाएगा। दूसरी तरफ आज मृतक का पोस्टमॉर्टम और फिर अंतिम संस्कार होगा। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब CM के दावों की भुल्लर ने निकाली हवा:मान बोले- इस्तीफा लिया, भुल्लर ने पोस्ट डाली- मैंने खुद दिया; गिरफ्तारी के दावे को भी बताया सरेंडर वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा सुसाइड केस के बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में खींचतान जैसे हालात नजर आ रहे हैं। सुसाइड जैसे गंभीर केस के आरोपी पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर सीधे CM भगवंत मान के दावों की हवा निकाल रहे हैं। भुल्लर ने इस्तीफे से लेकर गिरफ्तारी तक के सीएम के हर दावे को खारिज कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…