भास्कर न्यूज | जालंधर पारस एस्टेट में 13 साल की बच्ची के कत्ल केस में डीएनए टेस्ट के लिए हत्यारोपी हरमिंदर सिंह रिंपी के ब्लड का सैंपल लिया गया है। बच्ची की प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है, जिसमें मौत का कारण गला घोंटना है। बच्ची की छाती के पास जख्म और पीठ में रगड़ के निशान थे। पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची के लिए स्वैब और डीएनए टेस्ट के लिए आरोपी के लिए ब्लड सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेजा जाएगा। आरोपी का मोबाइल फोन नहीं मिला है। पुलिस मानकर चल रही है कि शनिवार रात भीड़ ने जब आरोपी को पीटा तो किसी ने उसका मोबाइल उठा लिया है। तब से उसका मोबाइल स्विच्ड ऑफ आ आ रहा है। पुलिस मोबाइल ट्रेस करने के लिए जुटी है, ताकि उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सके। उधर, पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरमैन कंवरदीप सिंह व पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल पीड़ित फैमिली से मिलीं। उन्होंने सीपी धनप्रीत कौर रंधावा से पूरे घटनाक्रम की जांच के इनपुट लिए। बता दें कि शनिवार को पारस एस्टेट में 13 साल की बच्ची संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। रिंपी पर शक जाहिर किया था। जांच के लिए एएसआई मंगत राम आए थे, लेकिन रिंपी से मिलकर चले गए थे। देर रात लापता बच्ची का शव रिंपी के घर में बाथरूम से मिला था। गुस्साई भीड़ ने रिंपी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। जांच में कोताही बरतने को लेकर एएसआई को सस्पेंड किया जा चुका है। जालंधर | श्री हिंदू तख्त (भारत) के सदस्यों ने बुधवार को सीपी धनप्रीत कौर को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि पारस एस्टेट में जो दर्दनाक घटना 13 साल की बच्ची के साथ हुई है। उसके आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए। इसी के साथ जिन पुलिस मुलाजिमों ने ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरती है। पीड़ितों के लिए केस का खर्च हिंदू तख्त (भारत) उठाएगा। यहां राष्ट्रीय प्रवक्ता कुणाल अग्रवाल, पंडित पवन भनोट, करण गंडोत्रा, सुमन राणा, मानवी, आयुष अग्रवाल, दीपक चोपड़ा आदि मौजूद थे। सीपी से जानकारी लेते हुए पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरमैन व पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन। मानवाधिकार संगठन के प्रधान शशि शर्मा ने बुधवार को प्रेसवार्ता में 13 साल की बच्ची के कत्ल केस में पुलिस की जांच पर उंगली उठाई है। पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी है कि एएसआई मंगत राम और उनकी टीम को केस में आरोपी बनाया जाए। शर्मा ने कहा कि एफआईआर में क्लियर लिखा है कि एएसआई मंगत राम टीम संग आरोपी रिंपी के घर गए थे। आधा घंटे रुके, लेकिन बच्ची नहीं मिली। इस बात का आरोपी फायदा ले सकता है और एएसआई और उनकी टीम बचाव पक्ष के गवाह बन सकते हैं। शर्मा ने कहा कि बाथरूम रिंपी के घर के गेट की दाईं ओर है। बचाव पक्ष ट्रायल के दौरान यह दलील देकर फायदा ले सकता है कि रिंपी के बाथरूम में कोई शव रख गया, क्योंकि एएसआई और उनकी टीम रिंपी के घर में सर्च कर चुकी थी। इसलिए एएसआई और उनकी टीम को केस में आरोपी बनाकर नामजद किया जाए, ताकि आरोपी को किसी तरह का फायदा न मिले। शर्मा ने कहा कि पुलिस ने एक्शन न लिया तो बेटी को इंसाफ दिलवाने के लिए वे हाईकोर्ट जाएंगे।