पटना में 24 नवंबर की देर शाम प्रॉपर्टी डीलर अशरफी राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मर्डर के बाद भाग रहे दोनों शूटर्स को भीड़ ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में दोनों मृतक शूटर्स की पहचान हो गई है। पहले शूटर का नाम प्रवीण उर्फ रोहन कुमार है वो पटना के कंकड़बाग में कुम्हार टोली का रहने वाला था। वहीं, दूसरे शूटर का नाम विजय कुमार है जो कि यारपुर का रहने वाला था। दोनों की उम्र 37 साल के आसपास थी। शूटर रोहन की पत्नी दूसरों के घरों में साफ सफाई करती है, उसी से परिवार चलता है। रोहन की पहचान उसकी शर्ट, हुलिया और हाथ पर बने बेटी के नाम (आरोही) के टैटू से हुई है। अभी तक की जांच में मृतक अशरफी राय के खिलाफ गोपालपुर थाने में एक भी आपराधिक मामला नहीं मिला है। 6 जमीनों को लेकर मामला कोर्ट में जरूर था। 60 अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज DSP रंजन कुमार ने भास्कर को बताया, ‘फिलहाल पुलिस ने अपने बयान पर 50 से 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अशरफी राय के परिवार की ओर से आवेदन देने की प्रक्रिया चल रही है। परिजन के आवेदन के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। फिर पुलिस अपने स्तर से पूरे मामले की छानबीन करेगी।’ घटनास्थल से एक क्लासिक पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और एक रिवॉल्वर बरामद की गई है। परिजन के मुताबिक, मृतक अशरफी राय की बॉडी पर 11 बुलेट्स के निशान मिले हैं। हालांकि पुलिस 6 गोली लगनी की बात कह रही है। मामले में 2 FIR पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया,’इस घटना में दो FIR दर्ज हुई है। एक मृतक अशरफी राय के परिजन के आवेदन पर हुई है। दूसरी पटना पुलिस ने लिंचिंग के मामले में खुद दर्ज की है’। ‘अशरफी राय के परिजनों में अपने 4 गोतिया को नामजद आरोपी बनाया है। हालांकि आवेदन में उन्होंने भी स्पष्ट नहीं किया है। पूछताछ के आधार पर पता चला है कि प्रॉपर्टी डिस्प्यूट में हत्या हुई है। वहीं, पटना पुलिस ने 25 से 30 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिन चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, उनके खिलाफ पुख्ते साक्ष्य मिलेंगे तब कार्रवाई होगी। दोनों बदमाशों की भी पहचान हो गई है। दोनों पटना के रहने वाले हैं। फिलहाल इन्वेस्टिगेशन जारी है’। परिजन का आरोप- गोतिया ने कराई हत्या अशरफी की बहू शकुंतला देवी ने बताया, ‘गोतिया (पाटीदार) से जगनपुरा में लगभग 14 कट्ठा के प्लॉट पर विवाद चल रहा था। इस प्लॉट पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद अशरफी राय ने मार्केट बनवा लिया है। इसी जमीन पर काम रोकने के लिए गोतिया सुरेश राय के दोनों बेटे रंजीत, टिशू, स्वर्गीय नागेश्वर राय की एक बेटी, दामाद धर्मेंद्र और नाती दोनों ने DSP के पास आवेदन दिया था। काम नहीं रुका था। इसके बाद अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इन्हीं लोगों ने मिलकर हत्या कराई है। घटना से आधे घंटे पहले रंजीत गया था। इसके बाद दोनों बदमाश आए और दे दनादन फायरिंग शुरू कर दी। दोनों मुरेठा बांधे थे। दादा अशरफी राय के पास एक दिव्यांग व्यक्ति भी था, जिसे अपराधियों ने धक्का दे दिया। जिसके बाद वो पास में गिर गया। लगभग 10 राउंड से अधिक दोनों ने फायरिंग की’। जानें कैसे हुई थी घटना दरअसल, पटना में सोमवार की शाम बाइक सवार दो बदमाशों ने कारोबारी 65 साल के अशरफी राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने कारोबारी पर एक के बाद एक 6 फायर किए। वारदात के बाद अपराधी भाग रहे थे, लेकिन घटनास्थल से 200 मीटर दूर भीड़ ने दोनों को पकड़ लिया। पीट-पीटकर माल डाला। घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के डोमनचक इलाके में हुई थी। एक दूसरे से 20 फीट दूर पड़े मिले बदमाशों के शव घटना के बाद पुलिस के गांव में पहुंचते ही सन्नाटा पसर गया। हत्या के बाद लोग अपने-अपने घरों में दुबके थे। दोनों अपराधियों की बॉडी एक दूसरे से 20 फीट की दूरी पर मिली थी। भीड़ ने दोनों पीट-पीटकर मारा था। दोनों के शरीर पर चोट के कई निशान थे। सिर कूच दिया गया। हाथ-पैर पर भी कई कट लगे मिले थे। भाले और गड़ासे से हमले के निशान थे। सुपारी देकर हत्या कराई गई अशरफी की हत्या में एक मास्टरमाइंड शामिल है, जो उनका करीबी बताया जा रहा है। सुपारी मिलने के बाद दोनों किलर कई दिनों से रेकी कर रहे थे। उन्हें अशरफी की फोटो और हर गतिविधि की जानकारी दी गई थी। लाइनर ने ही सूचना दी कि अशरफी घर के पास बैठे हैं। इसके बाद दोनों ने बाइक से आकर गोलियों की बौछार कर दी। मौके से स्प्लेंडर बाइक (BR. 01 HM 3195) बरामद हुई है। जांच में इसका रजिस्ट्रेशन एक महिला के नाम पर मिला, लेकिन इंजन और चेसिस नंबर किसी अन्य व्यक्ति से संबद्ध पाए गए हैं।