पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में करीब ढाई करोड़ रुपए के लेनदेन विवाद में एक आढ़ती ने सल्फास निगलकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 57 वर्षीय संत सिंह के रूप में हुई है, जो गांव शेखुपुर का निवासी था। इस मामले में थाना मूलेपुर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में मृतक का चचेरा भाई सुखदर्शन सिंह, उसकी पत्नी राजवंत कौर, उसकी माता हरप्रीत कौर और साला भूपेंद्र सिंह शामिल हैं। इन सभी के नाम मृतक ने सुसाइड नोट में लिखे हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, संत सिंह का परिवार लंबे समय से आढ़त का कारोबार कर रहा था। परिवार की दो फर्में थीं और मंडी में उनका अच्छा-खासा व्यवसाय था। पिछले काफी समय से परिवार के भीतर ही आपसी लेनदेन और हिसाब-किताब को लेकर विवाद चल रहा था। ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने संत सिंह के साथ दो से ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी, जिससे संत सिंह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। मानसिक परेशानी में ही उसने सल्फास खाकर आत्महत्या की है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि चारों आरोपी उसे मानसिक तौर पर परेशान करते थे इसलिए उसकी मौत के जिम्मेदार ये चारों लोग हैं। पुलिस ने शिकायत व सुसाइड नोट कि आधार पर आरोपयियों के खिलाफ पर्चा दर्ज कर दिया है। खन्ना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।