सरहिंद क्षेत्र के गांव शेखूपुरा के पास एक गंदे नाले से बड़ी मात्रा में गोवंश के अवशेष मिलने से इलाके में भारी तनाव फैल गया है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को नाले में संदिग्ध बोरियां पड़ी होने की सूचना मिली थी, जिससे क्षेत्र में तीव्र दुर्गंध फैली हुई थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने नाले की सफाई करवाकर जब बोरियों को बाहर निकलवाया, तो उनमें गोवंश के अवशेष और गोमांस भरा पाया गया। इस घटना के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों के सदस्यों में गहरा रोष व्याप्त है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी कुलवीर सिंह मौके पर पहुंचे और गोमांस की पुष्टि की। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के लिए हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों के सहयोग से बरामद अवशेषों को विधिवत तरीके से जमीन में दफन करवा दिया है। हिंदू संगठनों ने की कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय गौ रक्षा दल के अध्यक्ष डीडी राणा और अन्य हिंदू नेताओं ने मौके पर पहुंचकर इस घटना की कड़ी निंदा की। राणा ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित कत्लखाना चलाने जैसा मामला है और अंदेशा जताया कि लगभग 500 गोवंश की हत्या कर उनके अवशेष यहां फेंके गए हैं। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि खन्ना और आसपास के इलाकों में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन दोषियों पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे तस्करी नेटवर्क को बेनकाब करने की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस जांच की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए डीएसपी कुलवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर छापेमारी की जा रही है घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उन वाहनों और व्यक्तियों की पहचान की जा सके जिन्होंने इन अवशेषों को नाले में फेंका था। पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घटना के तार अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।