फरीदाबाद के मुजेसर थाना क्षेत्र के सेक्टर-24 स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में हुए भीषण आगजनी और केमिकल ड्रम ब्लास्ट मामले में चौथे दिन फायर ब्रिगेड कर्मचारी भविचन्द (48 वर्ष) की देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस पूरे अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो चुकी है। इससे पहले अभिषेक मोंगा और प्रदीप की मौत हादसे के बाद उपचार के दौरान हुई थी। जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब 4:30 बजे मुजेसर क्षेत्र में स्थित शिव स्टील और कालका लुब्रिकेंट केमिकल वर्कशॉप में अचानक आग लग गई थी। आग तेजी से फैलती चली गई और कालका लुब्रिकेंट वर्कशॉप में रखे केमिकल से भरे ड्रमों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
आग में 35 लोग झुलसे थे इस दौरान आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया गया। इस हादसे में 35 से अधिक लोग झुलस गए थे। घायलों में वर्कशॉप कर्मचारी, आसपास काम करने वाले लोग, दोनों वर्कशॉप संचालक और दमकल विभाग के कर्मचारी भी शामिल थे। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को तुरंत निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
फायर ब्रिगेड कर्मचारी की मौत हादसे के चार दिन बाद 25 वर्षीय अभिषेक मोंगा, जो कालका लुब्रिकेंट वर्कशॉप मालिक का बेटा था, उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसी दिन प्रदीप नामक एक वर्कर की भी मृत्यु हो गई। वहीं अब एक फायर ब्रिगेड कर्मचारी भविचन्द, जो आग बुझाने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, चौथे दिन देर शाम उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। उनका इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था। घायलों का इलाज जारी पुलिस ने संबंधित दोनों वर्कशॉप मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर आसपास की अन्य वर्कशॉप को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच और घायलों के बेहतर उपचार का आश्वासन दिया है।