शेखपुरा के बसंती कन्या मध्य विद्यालय में मंगलवार को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सांसद प्रतिनिधि इंजीनियर सचिन सौरभ ने किया। स्वास्थ्य विभाग के प्रभास कुमार पांडेय, कुंदन कुमार, सुमन कुमार, नीतीश कुमार और दीपक कुमार सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बताया कि फाइलेरिया (लिम्फैटिक फाइलेरियासिस) संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक परजीवी बीमारी है। यह लसीका तंत्र को प्रभावित करती है, जिससे हाथ-पैरों में सूजन आ जाती है। चूंकि इसका कोई पूर्ण उपचार संभव नहीं है, इसलिए इसकी रोकथाम और नियमित दवा का सेवन ही सबसे प्रभावी उपाय है। मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया कार्यक्रम के दौरान बच्चों को जल जमाव रोकने, स्वच्छता बनाए रखने और मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई दवाओं (डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन) का सेवन करने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में बच्चों को उनकी आयु के अनुसार दवाएं खिलाई गईं। तीन बार दवा सेवन का संकल्प दिलाया इस अवसर पर बच्चों को वर्ष में एक बार तथा जीवन में कम से कम तीन बार दवा सेवन का संकल्प दिलाया गया। इंजीनियर सचिन सौरभ ने कहा कि “फाइलेरिया मुक्त बिहार का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब हर विद्यार्थी अपने परिवार और समाज को जागरूक करेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान अन्य विद्यालयों में भी लगातार चलाया जाएगा।