बॉलीवुड की पुरानी फिल्मों में आपने कई बार देखा होगा कि अपराधी पुलिस से बचने के लिए नाम बदल लेते हैं, शहर बदल लेते हैं, और नई पहचान के साथ जिंदगी जीते रहते हैं। अमिताभ बच्चन की फिल्म दीवार हो या गायब होने वाला किरदार लेकर चलने वाली पुरानी कहानियाँ -कई फिल्मों में यह प्लॉट बार-बार दिखा कि अपराधी कैसे अपना हुलिया बदलकर सालों तक पुलिस को चकमा देता रहा।
बरेली का यह मामला भी बिल्कुल वैसा ही है-फर्क बस इतना है कि यह कोई फिल्म नहीं, असली जिंदगी की सच्चाई है। 36 साल पुलिस और जेल से बचने के लिए धर्म और पहचान बदल ली
यह कहानी है बरेली के कस्बा शाही निवासी प्रदीप कुमार सक्सेना की। 1987 में हत्या और चोरी के मुकदमे में गिरफ्तार हुआ, कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 2 साल बाद प्रदीप पैरोल पर बाहर आया, लेकिन वापस जेल नहीं लौटा। वह एक ही फैसले के बाद हमेशा के लिए गायब हो गया। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि धर्म, हुलिया और पूरा शहर बदल दिया। 2002 में उसने मुस्लिम धर्म अपनाकर अपना नया नाम रखा- अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर। मुरादाबाद में जाकर एक विधवा मुस्लिम महिला से शादी कर ली और ट्रांसपोर्ट नगर में ड्राइवर बनकर उसी पहचान में जीने लगा। हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद शुरू हुई दोबारा खोज
16 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने बरेली पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे कि आरोपी को चार हफ्ते के भीतर गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाए। आदेश मिलते ही एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम के नेतृत्व में एक विशेष टीम बना दी। शाही जाकर पूछताछ की, मिला पहला बड़ा सुराग
पुलिस टीम सबसे पहले आरोपी के पैतृक स्थान शाही पहुंची। यहां लोगों ने बताया कि प्रदीप करीब 36 साल से कभी दिखाई ही नहीं दिया। फिर पुलिस किला थाना क्षेत्र के साहूकारा निवासी उसके भाई सुरेश बाबू तक पहुंची। भाई ने बताया- ‘धर्म बदलकर अब मुरादाबाद में रहता है’
सुरेश बाबू और उनकी पत्नी मीरा ने पुलिस को बताया कि प्रदीप अब मुस्लिम धर्म अपना चुका है और अब्दुल रहीम नाम से मुरादाबाद में रहता है। वही ड्राइवर का काम करता है और वहां के लोग उसे सक्सेना ड्राइवर बुलाते हैं। मुरादाबाद पहुंची पुलिस-लोग बोले, 30 साल से यही नाम चल रहा है
जांच टीम जब मोहल्ला करूला पहुंची तो स्थानीय लोगों ने बताया कि सक्सेना ड्राइवर नाम का एक शख्स 30 साल से यहां रहता है। उम्र करीब 70 साल है। वह दो दिन पहले किसी काम से बरेली गया हुआ है-यहीं पुलिस को बड़ा सुराग मिला। डेलापीर मंडी में पकड़ा गया-पूछताछ में सच उगल दिया
बरेली पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिशें दीं। तभी मुखबिर की सूचना पर डेलापीर मंडी से एक संदिग्ध को पकड़ा गया। उसने अपना नाम अब्दुल रहीम बताया, लेकिन तीखे सवालों पर वह टूट गया और कबूल कर लिया कि वह ही प्रदीप कुमार सक्सेना है, जो 36 साल से फरार चल रहा था। 2002 में बदला था धर्म, नई जिंदगी बसाई थी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पैरोल पर बाहर आने के बाद उसने मुरादाबाद जाकर मुस्लिम धर्म अपनाया, दाढ़ी बढ़ाई, नाम बदला और वहां एक विधवा महिला से शादी कर ली। पूरी तरह नई पहचान में घुल-मिल गया, ताकि किसी को शक न हो। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा जांच शुरू की गई थी। आरोपी ने पहचान बदल ली थी, लेकिन पुलिस आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफल रही। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।