फूलों की होली, मेडिटेशन सेंटर में सजी सांस्कृतिक संध्या:धर्मशाला में देश-विदेश से पहुंचे अतिथि, भजनों से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

कांगड़ा जिले के पालमपुर स्थित कंदवाड़ी के महावतार बाबाजी मेडिटेशन सेंटर में होली के अवसर पर एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। योगीराज स्वामी अमर ज्योति के सान्निध्य में हुए इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। इसका औपचारिक शुभारंभ लखनऊ से आए जनरल जगदीप सिंह, प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती अश्वनी और ऑस्ट्रिया की संस्था ‘ऊ शांति मिशन – स्कूल फॉर द सोल’ से जुड़ी डॉ. शक्ति गायत्री की उपस्थिति में ध्वजारोहण के साथ हुआ। सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण गुजरात से आए डांडिया ग्रुप की प्रस्तुति रही।
पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य कर दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध उन्होंने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धर्मशाला कॉलेज के संगीत शिक्षक पंकज और उनकी शिष्या ने भरतनाट्यम शैली में राधा-कृष्ण लीला का चित्रण किया। इस अवसर पर योगीराज स्वामी अमर ज्योति ने फूलों की वर्षा कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।

गायक राजिंदर वैष्णव ने दी प्रस्तुती सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक राजिंदर वैष्णव, उनके पुत्र कपिल दसमत और प्रकाश ने अपनी स्वर साधना से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय रागों और भक्तिमय रचनाओं ने श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।

स्वामी अमर ज्योति ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया समारोह के समापन पर स्वामी अमर ज्योति ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने होली के वास्तविक और आध्यात्मिक अर्थों को समझाते हुए कहा कि यह केवल बाहरी रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि आंतरिक नकारात्मकता को जलाकर प्रेम, सद्भाव और शुद्धि का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आपसी मतभेद भुलाकर भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। महावतार बाबाजी मेडिटेशन सेंटर में फूलों की होली का आयोजन एक आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण उत्सव के रूप में होता है, जिसे पारंपरिक रंगों के बजाय फूलों की पंखुड़ियों से मनाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *