बजट में इमरजेंसी ट्रॉमा केयर सेंटर के प्रावधान से फरीदाबाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जगी है। फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में ट्रॉमा केयर सेंटर बनने से गंभीर मरीजों को अब दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल क्षेत्र से जुड़े डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से चली आ रही मांग का पूरा होना बताया है। ट्रॉमा केयर सेंटर के साथ-साथ जिले के खेड़ी कलां, करावली, तिगांव और पाली स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित की जाएंगी। इन सुविधाओं के शुरू होने से आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों से गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को समय पर खून उपलब्ध कराया जा सकेगा और बेहतर उपचार संभव होगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ट्रॉमा केयर सेंटर और ब्लड स्टोरेज सुविधाओं के लिए कुल 5.64 करोड़ रुपए का बजट पहले ही मंजूर किया जा चुका है। वर्तमान में सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में 24 घंटे के दौरान औसतन 180 से अधिक मरीज पहुंचते हैं, जिनमें से लगभग 30 मरीजों को रोजाना गंभीर हालत के चलते दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने किया था निरीक्षण ट्रॉमा केयर सेंटर की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने हाल ही में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी विभाग में ही 10 बेड वाला ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने और इसके लिए ऑपरेशन थिएटर बनाने पर चर्चा की गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, हरियाणा की आयुष्मान कमेटी के चेयरमैन डॉ. सुरेश अरोड़ा ने कहा कि जिले में ट्रॉमा केयर सेंटर की मांग लंबे समय से थी। इसके शुरू होने से मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा और समय पर इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बजट में कैंसर की दवाओं को सस्ता करने के फैसले को भी बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आम मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रॉमा केयर सेंटर बनने से होगा स्थिति में सुधार : सीएमओ वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि सिविल अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में गंभीर मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें फिलहाल संसाधनों की कमी के कारण रेफर करना पड़ता है। ट्रॉमा केयर सेंटर बनने के बाद रेफर की स्थिति में काफी सुधार होगा। इसके अलावा क्षेत्रीय ब्लड बैंक को भी अपग्रेड किया जाएगा, जिससे खून की कोई कमी नहीं रहेगी। कई स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड स्टोरेज सुविधा शुरू होने से मरीजों को तुरंत सहायता मिल सकेगी। सीएमओ का मानना है कि ट्रॉमा केयर सेंटर और ब्लड स्टोरेज सुविधाओं के शुरू होने से जिले में इमरजेंसी सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा दुर्घटना और गंभीर बीमारियों के मामलों में मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई जा सकेगी।