बठिंडा के घस्सोखाना गांव में एक बाउंसर ने श्मशान घाट पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अचानक उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। इसके बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस ने उसके शव को मुर्दाघर में रखवा दिया है। मामले की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान घस्सोखाना गांव निवासी महिंदर सिंह के बेटे सुखदेव सिंह के रूप में हुई है। एक बाउंसर के तौर पर काम करता था। पहले हवा में गोली चलाई, फिर खुद को गोली मारी यूथ वेलफेयर सोसाइटी, बठिंडा के कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से घस्सोखाना गांव में गोलीबारी की सूचना मिली थी। वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि श्मशान घाट के पास करीब 35 वर्षीय युवक का शव पड़ा था। बताया कि एक युवक ने पहले हवा में गोली चलाई। फिर खुद को गोली मार ली थी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के बयानों के आधार पर होगी कार्रवाई डीएसपी (ग्रामीण) हरविंदर सिंह सरन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कोट फत्ता पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची थी। सुखदेव सिंह ने गांव के श्मशान घाट में अपनी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की। शव को सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है। यदि परिवार का कोई सदस्य या पंचायत का कोई व्यक्ति बयान दर्ज करवाता है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।