बठिंडा में नेशनल हाईवे पर आज (11 फरवरी को) एक सूटकेस में पैक युवती की लाश मिली। युवती के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं और शव आधा जला हुआ था। दोपहर में कुछ ग्रामीण खेत में काम कर रहे थे। इस दौरान कुत्ते सूटकेस को खींचते हुए दिखे तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने सूटकेस चेक किया तो उसमें लाश पड़ी थी। युवती की शिनाख्त के लिए कोई बड़ा सबूत नहीं मिला लेकिन उसकी गर्दन के नीचे काकू नाम का टैटू बना हुआ था। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने इलाके को सील कर फोंरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटाए। फिर लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस को शक है कि कत्ल के बाद युवती की लाश को जलाने की कोशिश हुई। कामयाब न होने पर उसे सूटकेस में बंद कर यहां सुनसान जगह पर फेंक दिया गया। लाश मिलने के बाद की 3 PHOTOS… गर्दन के नीचे ‘काकू’ नाम का टैटू बना सहारा जन सेवा संस्था के कार्यकर्ता संदीप सिंह ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि बठिंडा-मलोट नेशनल हाईवे पर गांव बहमन दीवाना के पास किसी युवती की लाश मिली है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे। जिसके बाद पुलिस भी पहुंच चुकी थी। लाश को सिविल अस्पताल में रखवाया गया। अभी तक उसकी पहचान करने वाला कोई व्यक्ति सामने नहीं आया है। उन्होंने का कहा कि पुलिस ने शव की पहचान के लिए बयान जारी किया है। एक महत्वपूर्ण सुराग यह है कि युवती की गर्दन के नीचे ‘काकू’ नाम का टैटू बना हुआ है। थानों में भेजी फोटो, शिनाख्त की कोशिश
बठिंडा पुलिस जांच में जुटी है कि युवती कौन है और कहां की रहने वाली है। इसके लिए बठिंडा समेत आसपास के जिलों में युवती की फोटो और उसके टैटू आदि की फोटो सर्कुलेट की गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि कहीं युवती की गुमशुदगी को लेकर किसी थाने में कोई रिपोर्ट तो दर्ज नहीं है। पुलिस का मानना है कि अगर युवती की पहचान हो जाए तो उसके बाद कत्ल का मोटिव सामने आ सकता है। टैटू वाला काकू कौन, पता लगाने में जुटी पुलिस
पुलिस ने टैटू के हिसाब से अब यह पता लगाना शुरू कर दिया है कि काकू किस व्यक्ति का नाम है। वह युवती का कोई परिजन है या फिर कोई दोस्त है। इसके लिए पुलिस काकू नाम वालों के बारे में डेटा इकट्ठा कर रही है। पुलिस के मुताबिक संभव है कि व्यक्ति का असली नाम कुछ और हो, यह सिर्फ निकनेम हो। इसके लिए सभी पुलिस थानों को मुखबिर नेटवर्क के जरिए जानकारी जुटाने को कहा गया है। हत्या कहीं और, लाश यहां फेंकी गई
पुलिस को शुरुआती जांच में शक है कि युवती की हत्या कहीं और की गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के मकसद से हाईवे के किनारे फेंक दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस आसानी से घटनास्थल तक न पहुंच सके। इसके अलावा यहां लाश पड़ी होने से कुत्ते भी उसे नोचकर खा जाएं। सूटकेस बिक्री के बारे में भी पता कर रही पुलिस
पुलिस को शक है कि कत्ल की वारदात आसपास के इलाके में ही हो सकती है। ऐसे में शव भी मार्केट से खरीदा गया होगा। इसलिए पुलिस सूटकेस बिक्री करने वाले दुकानदारों से भी पूछताछ कर रही है। जिसमें लाल रंग के सूटकेस के खरीदारों के बारे में बिल बुक से रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। पुलिस फोंरेंसिक टीम के जरिए सूटकेस से फिंगर प्रिंट जुटाने की भी कोशिश कर रही है ताकि इसे यहां फेंकने वाले के बारे में पता चल सके। हत्या पहले होने का शक
पुलिस को शक है कि युवती की हत्या पहले कर दी गई थी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए लाश जलाने की भी कोशिश हुई। हालांकि हत्यारे इसमें कामयाब नहीं हो सके और लाश अधजली रह गई। पुलिस मान रही है कि उसकी हत्या पहले ही कर दी गई। इसके बाद सूटकेस का इंतजाम कर उसकी लाश को बाद में ठिकाने लगाया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लाश बरामदगी से कितने टाइम पहले युवती की मौत हो गई थी।