बहन ने खिलौना तोड़ा तो भाई ने किया सुसाइड:11 साल का बच्चा फंदे पर लटका, रायबरेली में पिता बोले- खिलौना लेकर सोता था

रायबरेली में खिलौना टूटने पर 11 साल के बच्चे ने अपनी जान दे दी। भाई-बहन में खिलौने को लेकर लड़ाई हुई थी। गुस्से में बहन ने खिलौने को जमीन पर फेंक दिया, जिससे वो टूट गया था। भाई इससे नाराज होकर दूसरे कमरे में गया। वहां रस्सी से फंदा लगाकर लटक गया। दो घंटे बाद भी बच्चा बाहर नहीं दिखा। परिवार वाले उसे खोजते हुए कमरे में पहुंचे। वहां देखा तो उसकी लाश फंदे से लटकी मिली। खबर मिलते ही गांव वालों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पूरा मामला कसरावा गांव का है। 2 तस्वीरें देखिए… अब पूरी घटना विस्तार से… गांव के रहने वाले संतोष मेहनत मजदूरी करके अपना परिवार पालते हैं। घर में पत्नी सुशीला के अलावा 4 बच्चे हैं। जिनमें मोहिनी (17), मोहित (15), मुस्कान (14) हैं। जबकि मयंक (11) घर में सबसे छोटा था। मुस्कान गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा 8, जबकि मयंक क्लास 7 में था। बहन बोली- मेरी मयंक से मारपीट हो गई मुस्कान ने बताया – सुबह पापा ने हम लोगों से बाल्टी मांगी। उस समय मैं अपने भाई मयंक के साथ खेल रही थी। पापा की बात न सुनकर वो खेलने में मस्त रहा। इस पर हम दोनों के बीच मारपीट हो गई। मयंक ने इसकी शिकायत मां से कर दी। मां ने दोनों को डांटा और मारा। इसके बाद मैंने मयंक के प्लास्टिक के दो ट्रैक्टर तोड़कर आग में जला दिये। उसके बाद मैं स्कूल चली गई। उस समय माता-पिता समेत बहन और भाई घर के बाहर चल रहे निर्माण कार्य में लग गए। भाई के गुस्से का अंदाजा नहीं था मुझे भाई के गुस्से का अंदाजा नहीं था। वो गुस्से में स्कूल नहीं गया। ये बात मां को पता चली तो वो मयंक को खोजने लगीं। घर के अंदर पहुंचने पर उन्होंने मयंक को कमरे में धान की बोरियों के ऊपर बांस की बल्ली के सहारे रस्सी का फंदा बनाकर लटका हुआ पाया। ये देखते ही मां चीखने लगीं। परिजनों ने तुरंत मयंक को फंदे से उतारा और जान बचाने के लिए आनन-फानन में बछरावां स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता संतोष ने बताया- मैं घर से 50 मीटर दूर अपना मकान बना रहा था। पत्नी और बाकी बच्चे भी मेरे साथ थे। लेकिन मयंक नजर नहीं आया तो उसे खोजा गया। मेरे बेटे मयंक को प्लास्टिक के ट्रैक्टर खिलौने से बहुत प्यार था। भाई-बहन दोनों खिलौने से खेल रहे थे, तभी विवाद हो गया। उसकी बहन मुस्कान ने दोनों ट्रैक्टर तोड़ दिए। मयंक ट्रैक्टर से इतना प्यार करता था कि रात में सोते समय उसे अपने बगल में रखकर सोता था। सुबह उठते ही सबसे पहले खिलौने से खेलता था। …………………
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यूपी में शंकराचार्य विवाद के बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्राह्मण बटुकों की पूजा की। उन्होंने गुरुवार सुबह लखनऊ आवास में 101 बटुकों को आमंत्रित किया। पत्नी नम्रता पाठक के साथ सभी बटुकों का तिलक लगाया। हाथ जोड़कर प्रणाम किया। फूल बरसाए। इस दौरान बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। पूजा के बाद डिप्टी सीएम ने X पर लिखा- बटुकों का सम्मान, हमारा सौभाग्य।.. पढ़े पूरी खबर..

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