बिक्रमजीत मजीठिया चंडीगढ़ कोर्ट पहुंचे:पंजाब सरकार पर साधा निशाना, पुलिस से झड़प मामले में आज सुनवाई होगी

चंडीगढ़ पुलिस से झड़प के मामले में बिक्रमजीत सिंह मजीठिया आज चंडीगढ़ जिला कोर्ट पहुंच गए हैं। बिक्रम मजीठिया की कल यानी सोमवार को कोर्ट में पेशी थी, लेकिन वह पेश नहीं हुए और उनकी ओर से वकील राजेश कुमार राय ने अर्जी दायर की थी, जिसमें पार्टी की अहम बैठक का हवाला दिया गया। मामले में केस की अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी। इस पर कोर्ट ने एक दिन की छूट देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि वे मंगलवार को यानी आज हर हाल में कोर्ट में पेश हों। हालांकि, पूर्व कैबिनेट मंत्री दलजीत सिंह चीमा और महेशइंदर सिंह ग्रेवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है। ऐसे में अब मजीठिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ ही केस चलेगा। पंजाब सरकार पर बोला हमला विक्रम मजीठिया ने पंजाब सरकार पर हमला बोला और कहा कि जिस समय चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया। उस दौरान पंजाब विधानसभा का सेशन चल रहा था। और यह सब कुछ पंजाब विधानसभा के अंदर ही हुआ था। हरियाणा पंजाब के पानी को लेकर मामला चल रहा था। यह सब कुछ पंजाब सरकार के प्रेशर में किया गया है। दो लोगों की दर्ज केस को हाईकोर्ट ने कैंसिल भी कर दिया है। बाकी का भी जल्द फैसला आ जाएगा। वे पंजाब के चीफ मिनिस्टर को नालायक कहेंगे कि वह दिल्ली वालों के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने एक फोटो भी जारी की थी जिसमें पंजाब चीफ मिनिस्टर दिल्ली वालों के पैरों को हाथ लग रहा है। मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान हुई थी झड़प पुलिस के अनुसार वर्ष 2021 में अकाली दल के कई नेता पंजाब में महंगाई और 1984 दंगों के मुद्दे पर चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए यूटी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए, सरकारी आदेशों का उल्लंघन किया और पुलिस कार्य में बाधा डाली। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। अब हाईकोर्ट की रोक हटने के बाद जिला अदालत में मुकदमे की कार्रवाई तेज होगी। हाईकोर्ट ने हटाई डेढ़ साल पुरानी रोक वर्ष 2021 में मजीठिया समेत अकाली के 20 से अधिक नेताओं के खिलाफ सेक्टर-3 थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 186, 353, 332 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। दलजीत सिंह चीमा और महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। 29 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने चीमा और ग्रेवाल की याचिका स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। इसी के साथ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चल रहे मामले पर लगी रोक भी हट गई।

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