भगवानपुर प्रखंड के सरैया मौज में शनिवार शाम करीब 4 बजे 11 हजार वोल्टेज का बिजली का तार गेहूं की खड़ी फसल पर गिरने से आग लग गई। इस घटना में तीन किसानों की लगभग 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। हालांकि, आसपास के किसानों की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका। तेज हवा के कारण खेत से गुजर रहे 11 हजार वोल्टेज के बिजली के तार आपस में टकराने लगे। इन तारों की टकराहट से निकली चिंगारी सूखे गेहूं के डंठलों पर गिरी और देखते ही देखते आग फैल गई। आग लगने के बाद 11 हजार वोल्टेज का तार भी खेत में गिर गया।घटनास्थल के पास अपने खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे अन्य किसानों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हरे पेड़ों की डालियां तोड़कर आग बुझाने का प्रयास किया। उनकी इस कोशिश से आग पर किसी तरह काबू पाया गया और आसपास के अन्य खेतों में लगी फसल को जलने से बचा लिया गया। इस अग्निकांड में उमापुर गांव के तीन किसान प्रभावित हुए हैं। पीड़ित किसानों में भोली दुबे की 15 बीघा, पपलू श्रीवास्तव की 3 बीघा और सुरेंद्र लाल की 2 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई है। पीड़ित किसान भोली दुबे के पुत्र दीपक दुबे ने बताया कि वे हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि खराब मौसम के कारण अभी तक फसल खेतों से नहीं काटी जा सकी थी। उन्होंने यह भी बताया कि आग बुझाने में शाम हो जाने के कारण अभी तक कहीं भी आवेदन नहीं दिया गया है। इस संबंध में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) सत्येंद्र कुमार ने बताया कि खेतों से गुजर रहे 11 हजार वोल्टेज के तार से एक चिड़िया टकरा गई थी, जिससे चिंगारी निकली और वह खड़ी गेहूं की फसल पर गिरकर आग में बदल गई। घटनास्थल पर तार से टकराई मृत चिड़िया भी पाई गई है।