बिहार की 11 इकाइयों से इथेनॉल खरीदने का एग्रीमेंट है। जबकि 8 इथेनॉल प्लांट बिना परमिशन के लगाए गए हैं। इनसे इथेनॉल खरीदने का एग्रीमेंट नहीं है। उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में सुधर रही औद्योगिक स्थिति को बिगाड़ने के लिए अस्थिरता का माहौल फैलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर रोने-गाने का वीडियो फैलाया जा रहा है। हकीकत यह है कि राज्य में स्थापित 11 इथेनॉल इकाइयों से उत्पादित 46 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदने के एग्रीमेंट के विरुद्ध 35 करोड़ लीटर इथेनॉल पेट्रोलियम कंपनियां खरीद रही हैं। सभी उत्पादित इथेनॉल खरीदने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री तैयार हो गए हैं। बिहार में कोई प्लांट बंद नहीं होगा, इसकी सदन में गारंटी दे रहा हूं। मक्का 16 रुपए किलो में क्यों बिक रहा : कोमल वहीं, भाजपा विधायक और इथेनॉल इकाई से जुड़ी कोमल सिंह ने विधानसभा में सवाल किया कि अगर बिहार की इथेनॉल इकाइयां ठीक से काम कर रहीं हैं तो 26 रुपए किलो बिकने वाला वाला मक्का 16 रुपए में बाजार में क्यों बिक रहा है? इथेनॉल इकाइयों को घटाकर 50% कैपेसिटी पर ही उत्पादन करने को क्यों कहा जा रहा है? इस 50% उत्पादन में 40% उत्पादन पंजाब से आने वाले चावल से ही करने को क्यों कहा जा रहा है? इथेनॉल खरीदने के लिए लांग टर्म एग्रीमेंट क्यों किया गया? इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि पूरे बिहार में 2958 करोड़ निवेश वाली 58 फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगनी हैं। मुजफ्फरपुर में ही 714 करोड़ की 30 इकाइयां काम करेंगी।