बिहार में ‘सम्राट राज’- 10 दिनों में 45 मर्डर:पटना में गोलियों से भूना, सीवान में पुलिस बोली-लड़की जवान है, घूमने गई होगी; सुबह लाश मिली

‘बिहार में सुशासन है। ‎‎अपराध करने वालों को बिहार से‎ जाना होगा। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।’ गृह मंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने 22 नवंबर को ये बातें मीडिया से कहीं। उनके समर्थक क्राइम पर प्रहार का दावा कर रहे हैं। वहीं, आंकड़े इसके उलट हैं। सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद के 10 दिनों में राज्यभर में 45 मर्डर हुए हैं। ये आंकड़े सरकारी नहीं, हमारे (भास्कर) एनालिसिस में निकले हैं। इसमें वृद्धि हो सकती है। राजधानी में प्रॉपर्टी डीलर को गोलियों से भून दिया गया तो गयाजी में प्यार करने पर कनपट्टी पर गोली मार दी गई। सीवान में तो रेप करने के बाद लड़की की हत्या कर दी गई। परिवार वालों ने लड़की खोजने की गुहार लगाई तो पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि जवान लड़की है, घूमने गई होगी, आ जाएगी। स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए और देखिए, बिहार में सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद क्राइम का ग्राफ क्या है? 8 दिन में 42 हत्याएं, नहीं रुक रहा अपराध सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद यूपी मॉडल की तरह क्राइम खत्म करने की बात कही जा रही है। बुलडोजर एक्शन चर्चा में है। इस बीच, राज्य में हत्या और रेप जैसी जघन्य घटनाएं रुक नहीं रहीं। हमने 20 नवंबर से लेकर 29 नवंबर तक बिहार में हुए हत्याओं का मीडिया रिपोर्ट निकाला। इन दिनों में करीब 42 हत्याएं हुईं हैं। इसमें कुछ हीनियस क्राइम (जैसे- रेप कर मर्डर, सिर कुचल कर मार देना, भाई-बहन की हत्या, सिर से धड़ अलग करना) हैं। पहले डालिए 5 जघन्य घटनाओं पर नजर केस 1- सीवान में अरहर के खेत में रेप फिर हत्या 27 नवंबर 2025 को सीवान जिले के पचरुखी थाना क्षेत्र के गांव में अरहर के खेत से एक युवती का शव मिला। परिजनों ने रेप फिर हत्या की आशंका जताई। कहा कि 26 नवंबर की शाम वह घर से खेत के लिए निकली थी, देर रात तक वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला। परिजन पचरुखी थाना पहुंचे, बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने यह कहकर लौटा दिया कि ‘जवान लड़की है, किसी लड़के के साथ चली गई होगी, इंतजार करिए, खुद लौट आएगी।’ अगली सुबह युवती का शव अर्धनग्न स्थिति में मिला। क्या कार्रवाई हुई? अभी तक बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। केस 2- कैमूर में भाई-बहन को मारकर फंदे से लटकाया 25 नवंबर को कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर में 10 साल की शिवानी और 12 साल के सुधीर की लाश मिली। दोनों को फंदे से लटकाया गया था। मृतक बच्चों के पिता ने गांव के दबंगों पर नलकूप से पानी पीने के चलते दोनों की हत्या करने के आरोप लगाए। उन्होंने बताया शिवानी खेत में काम करने गई थी। काफी देर बाद घर नहीं लौटी तो दूसरी बेटी और बेटा सुधीर उसे देखने गए। शिवानी को खेत के पास फंदे से लटका देखकर दोनों घबरा गए। बहन भागकर घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी, जबकि सुधीर वहीं रुक गया। बच्चों के पिता के अनुसार, जब वे मौके पर पहुंचे तो शिवानी का शव नीचे उतारकर जमीन पर रखा हुआ था और बेटा सुधीर फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने गांव के दबंगों पर आरोप लगाए। कहा कि कुछ दिन पहले बच्चों ने दबंगों के खेत के पास लगे नलकूप से पानी पी लिया था। इस बात को लेकर विवाद हुआ था। दबंगों ने बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी। उसी रंजिश में दोनों की हत्या की गई। क्या कार्रवाई हुई? मृतक बच्चों के परिजनों के आवेदन पर 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। केस 3- दरभंगा में लव अफेयर में सिर धड़ से अलग 20 नवंबर को दरभंगा में लव अफेयर में 26 साल के गोलू की हत्या की खबर आई। वह 15 नवंबर से लापता था। 20 नवंबर को उसका धड़ कमला बलान नदी के किनारे बालू में दबा मिला। 21 नवंबर की रात 50 मीटर दूर उसका सिर मिला। सिर के मांस को जानवर खा गए थे। धारदार हथियार से सिर को धड़ से अलग किया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि गोलू का गांव की एक विवाहित महिला से प्रेम संबंध था। महिला के पति ने पत्नी और कई अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की। महिला ने गोलू से लाखों रुपए लिए। उससे ऑनलाइन शॉपिंग कराया। गोलू समस्तीपुर-दरभंगा बॉर्डर के किशनपुर बैकुंठ गांव का रहने वाला था। वह हायाघाट के चकवा भरवाड़ी गांव में पोल्ट्री फॉर्म चलाता था। क्या कार्रवाई हुई? पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। 4 आरोपियों (निर्मला देवी, संजीव शर्मा, दीपक शर्मा और प्रकाश पासवान) को गिरफ्तार किया। 2 मुख्य आरोपी फरार हैं। केस 4- पटना में जमीन विवाद में कारोबारी की हत्या 25 नवंबर को पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के डोमनचक इलाके में कारोबारी अशरफी राय की हत्या की गई। दो अपराधियों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। भीड़ ने दोनों अपराधियों को पकड़ लिया और पीटकर मार डाला। दोनों सुपारी किलर थे। हत्या प्रॉपर्टी विवाद में हुई। अशरफी राय के परिजनों ने अपने गोतिया (पट्टीदार) पर हत्या कराने की साजिश रचने और कराने का आरोप लगाया है। क्या कार्रवाई हुई? पुलिस ने अशरफी राय के पोते की शिकायत पर 5 लोगों के खिलाफ केस किया। वहीं, मॉब लिंचिंग के चलते अलग केस किया है। इस मामले में मृतक अशरफी के बेटे विजेंद्र राय को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस दोनों शूटरों के मोबाइल फोन का CDR खंगाल रही है। केस 5- गया में प्रेम प्रसंग में हाथ-पैर बांधकर गोली मारी 27 नवंबर को गया में प्रेम प्रसंग के विवाद में 18 साल के संजय कुमार को हाथ-पैर बांधकर कनपटी और गर्दन में गोली मारी गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। संजय टिकारी ब्लॉक के काजिबीगहा गांव का रहने वाला था। गुरुवार सुबह संजय को उसकी प्रेमिका ने फोन कर सुनसान जगह मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही वह पहुंचा पहले से घात लगाए लोगों ने उसे पकड़ लिया। परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले संजय अपनी प्रेमिका को लेकर घर से भाग गया था। दोनों ने शादी कर ली थी। कुछ समय बाद वह अपने गांव लौट आया। लड़की अपने घर चली गई थी। उसके बाद से लड़की के घरवाले धमकी दे रहे थे। क्या कार्रवाई हुई? पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी मां और बेटी को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश चल रही है। ये 5 घटनाएं तो सिर्फ बानगी हैं। कोई ऐसा दिन बिरले ही बीतता है जब हत्या, रेप और लूट जैसी घटनाओं की खबरें नहीं आतीं। डबल इंजन की सरकार में चरम पर है अपराध: कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञानरंजन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में अपराध चरम पर है। क्राइम का ग्राफ दिन पर दिन ऊपर चढ़ता जा रहा है। लॉ एंड ऑर्डर डिसॉर्डर हो गया है। बिहार की जनता इस सरकार के आने से असहज और अनसेफ महसूस कर रही है। जो अपराध करेगा उसका गया में पिंडदान होगा: BJP भाजपा प्रवक्ता प्रभात मालवार ने कहा, ‘बिहार में अब ऑर्गनाइज क्राइम नहीं हो रहे हैं। अगर कोई अपराध हो रहा है तो उसपर सरकार की पैनी नजर है। कोई भी अपराधी अपराध करके खुलेआम नहीं घूम सकता। या तो उसे जेल में जाना होगा या नेपाल भागना होगा। नहीं तो, गया में पिंडदान होगा। यह नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की सरकार है।’ चुनाव के बाद बढ़ा अपराध, सरकार करे कार्रवाई सीनियर पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रियदर्शी रंजन ने कहा, ‘अक्सर देखा गया है कि बिहार में विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद अपराध का ग्राफ बढ़ जाता है। 2020 में भी ऐसा हुआ था। बाद में प्रशासन ने कंट्रोल कर लिया था।’ चुनाव के दौरान चुनाव आयोग का प्रशासन पर हस्तक्षेप रहता है। उस दौरान सब कंट्रोल में रहता है। बाद में जब नई सरकार आती है तो क्राइम बढ़ता है। सरकार को इसपर ध्यान देने की जरूरत है कि यह कंट्रोल हो जाए।- प्रियदर्शी रंजन, सीनियर पॉलिटिकल एक्सपर्ट

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