बीजेपी ऑफिस ब्लास्ट में 2 और आरोपी अमृतसर से अरेस्ट:आरोपी तरनतारन के रहने वाले, ड्रोन से मंगवाए पाकिस्तान से हथियार; पैसे बांटने में भूमिका

चंडीगढ़ बीजेपी आफिस पर ब्लॉस्ट मामले में पंजाब पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों से पता चला है कि इन्हें अमृतसर से अरेस्ट किया है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। आरोपियों ने ड्रोन से जरिए पाकिस्तान से मंगवाए हथियार अपने पास रखे थे। मार्च के पहले हफ्ते में यह हथियार पंजाब पहुंच गए थे। माना जा रहा है कि जल्दी ही पुलिस इस मामले में खुलासा करेगी। अमृतसर से दबोचे है पुलिस की टीम ने जानकारी के अनुसार आरोपियों की पहचान नवदीप और हरदीप के रूप में हुई। यह तरनतान के रहने वाले हैं और उन्हें अमृतसर से पकड़ा गया है। इन्होंने ग्रेनेड रिसीव करने से लेकर पैसे बांटने में भूमिका बताई जा रही है। पुलिस अब इनसे पड़ताल करने में लगी है कि आखिर इन्होंने कहां-कहां वारदात को अंजाम दिया है। विदेशी हैंडलरों से कनेक्शन की होगी जांच
पुलिस अब दोनों आरोपियों से यह पता लगाने में जुटी है कि वे अपने विदेशी हैंडलरों के संपर्क में कैसे आए। पुलिस को संदेह है कि यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने विदेश से आने वाले हथियारों को बरामद किया हो, बल्कि वे पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हो सकते हैं। पुलिस उनके सभी लिंक और संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही है। यह मामला पुलिस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। तीन प्वाइंटों में जानिए सारा मामला – 1. 1 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी ऑफिस के बाहर लो-इंटेंसिटी ग्रेनेड ब्लास्ट हुआ। दो हमलावर बाइक पर आए, एक ने हैंड ग्रेनेड फेंका जबकि दूसरे ने पूरे हमले का वीडियो बनाया। ब्लास्ट में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन आसपास पार्क की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। हमलावर घटनास्थल से भाग निकले। 2. पुलिस जांच में पता चला कि यह पाकिस्तान की ISI ( समर्थित टेरर मॉड्यूल का हिस्सा था। विदेश में बैठे हैंडलर्स पुर्तगाल में बलजोत सिंह उर्फ जोट और जर्मनी में हरजीत सिंह लाड़ी ने आरोपीयों को निर्देश दिए। हमले के लिए उन्हें ₹2 लाख का इनाम देने का लालच दिया गया। आरोपीयों ने हमले से पहले रेकी भी की थी। 3. पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग, चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा STF की संयुक्त कार्रवाई में पूरा मॉड्यूल भंडाफोड़ हो गया। कुल 7 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और सभी पुलिस हिरासत में हैं। पहले 5 आरोपी 4 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार हुए। जबकि 2 मुख्य हमलावर 5 अप्रैल 2026 की रात हरियाणा के रेवाड़ी से ट्रेन में सवार अवस्था में पकड़े गए । पुलिस का दावा है कि केस 48 घंटे के अंदर सुलझ गया।

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