बुड्ढा दरिया के किनारे कब्जे पर लुधियाना प्रशासन का झूठ:NGT को बताया कोई कब्जे नहीं, PAC ने पेश किए सबूत

लुधियाना में बुड्‌ढा दरिया के किनारों पर कब्जों को लेकर जिला प्रशासन ने NGT के सामने झूठ बोल दिया। प्रशासन ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि बुड्‌ढा दरिया के किनारे कोई कब्जे नहीं हैं। उधर, याचिकाकर्ता पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्य कपिल अरोड़ा ने एनजीटी के सामने बुड्‌ढा दरिया पर कब्जे के सूबत पेश कर दिए। याचिकाकर्ता ने बुड्‌ढा दरिया के फोटो और मेजरमेंट पेश की और बताया कि आधे से ज्यादा दरिया पर कब्जे हो चुके हैं। याचिकाकर्ता कपिल देव का दावा है कि पंजाब पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड और नगर निगम ने जो रिपोर्ट पेश की है उसमें तथ्य गलत पेश किए गए हैं। जिसके सबूत उन्होंने एनजीटी के सामने पेश कर दिए हैं। एनजीटी ने लुधियाना के जिला मजिस्ट्रेट (डीसी) को निर्देश दिए हैं कि वे मामले की जांच करें और बुड्ढा नाला से संबंधित मूल राजस्व रिकॉर्ड और पूरा नक्शा पेश करें। इसमें नाले की अलग-अलग स्थानों पर चौड़ाई का पूरा विवरण भी शामिल करने को कहा गया है। पब्लिक एक्शन कमेटी द्वारा एनजीटी में पेश की गई दलीलें: नगर निगम ने बुड्‌ढा दरिया पर कब्जा किया: याचिकाकर्ता कपिल अरोड़ा ने एनजीटी को बताया कि नगर निगम के पास बुड्‌ढा दरिया के किनारे कब्जे रोकने का जिम्मा है, लेकिन नगर निगम ने खुद ही दरिया पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने बुड्‌ढा दरिया के अंदर से ही रिटेनिंग वॉल बनाई हैं। फोटो के जरिए उठाए सवाल: कपिल अरोड़ा ने बताया कि ने कहा कि प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बुड्ढा दरिया के किनारे कोई कब्जा नहीं है। अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने प्रशासन की रिपोर्ट के काउंटर में एनजीटी के सामने बुड्‌ढा दरिया की फोटो और मेजरमेंट पेश की। सड़क से ऊंची दीवार, पानी के प्रवाह पर असर का खतरा: एनजीटी के समक्ष रखी गई तस्वीरों में दिखाया गया कि यह दीवार जमीन के स्तर से भी ऊंची है। ट्रिब्यूनल ने माना कि इस तरह का निर्माण स्टॉर्म वॉटर (बरसाती पानी) के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित कर सकता है, जो पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर मुद्दा है। 58 फुट का बेड, मौके पर सिर्फ 35 फुट: PAC ने ट्रिब्यूनल के सामने कड़े तर्क रखते हुए कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार बुड्ढा दरिया की वास्तविक बेड (चौड़ाई) 58 फुट होनी चाहिए। यह वह क्षेत्र है जहां से पानी का बहाव बिना किसी रुकावट के होना चाहिए। लेकिन कमेटी ने मौके पर जाकर जो पैमाइश (मेजरमेंट) की, उसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। कमेटी के अनुसार, लुधियाना शहर के भीतर कई जगहों पर दरिया सिमटकर महज 30 से 35 फुट ही रह गया है। PAC ने एनजीटी के सामने कई ऐसी तस्वीरें और वीडियो पेश किए हैं, जिनमें दरिया के किनारों पर कंक्रीट का निर्माण और मिट्टी का भराव साफ देखा जा सकता है। एनजीटी के आदेश की अहम बातें …. NGT द्वारा प्रशासन से पूछे गए 3 सवाल :

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