‘बेटा सौम्या के प्यार में पागल था। वही उसकी दुनिया थी। मगर सौम्या को उसके पैसों से मोहब्बत थी। जब तक बेटा अच्छा कमाता रहा, वो खुश थी। नौकरी छूटते ही उसे प्रॉब्लम होने लगी। कहने लगी कि शादी नहीं कर सकती। तुम दलित हो और मैं ओबीसी। ब्रेकअप को बेटा सहन नहीं कर पाया और उसने सुसाइड कर लिया।’ ये कहना है तुषार पाखरे की मां किरन पाखरे का। तुषार ने 6 फरवरी को झांसी में फंदे पर लटककर जान दे दी। जिस दिन उसने सुसाइड किया, उसने आखिरी बार सौम्या को मिलने बुलाया। उसके जाने के बाद वो फंदे पर लटका हुआ मिला। उस दिन मां घर पर नहीं थीं। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद मां किरन ने सौम्या साहू पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने और एससी-एसटी एक्ट में FIR दर्ज कराई है। पढ़िए रिपोर्ट… सात साल पहले दोनों कोचिंग में मिले थे तुषार पाखरे (24) बड़ागांव गेट बाहर मोहल्ले में रहता था। उसकी मां किरन पाखरे ने बताया- मेरे पति दिनेश पाखरे की बहुत पहले मौत हो चुकी है। पहले हमारा घर ओरछा गेट के पास था। वहीं पास में सौम्या साहू नाम की लड़की रहती थी। मेरा बेटा तुषार 2019 में गंज में राजीव सर के पास काेचिंग पढ़ने जाता था। वहां सौम्या भी पढ़ने आती थी। वहीं से दोनों की दोस्ती हो गई। जो प्यार में बदल गई। 7 साल से दोनों में अफेयर था। पहले सौम्या ने शादी के लिए हां कर दी थी। दोनों परिवारों काे इसकी जानकारी दी। सौम्या और बेटा कई बार घूमने भी गए। बेटे की नौकरी छूटने पर सौम्या बदल गई किरन ने आगे बताया- पढ़ाई के बाद बेटा तुषार भोजला मंडी में जॉब करने लगा था। वो हर महीने लगभग 30 हजार रुपए कमाता था। पूरा पैसा सौम्या पर खर्च कर देता था। जब तक वो उस पर पैसा उड़ाता रहा, वो खुश रही। जैसे बेटे की जॉब छूट गई सौम्या को प्रोब्लम होने लगी। सौम्या कहती थी, तुम एससी हो मैं ओबीसी सौम्या को पहले हमारी जाति से प्रोब्लम नहीं थी। लेकिन बाद में उसके रंग बदल गए। वो कहने लगी कि मैं शादी नहीं करुंगी। तुम खटीक एससी जाति से हो और मैं साहू ओबीसी जाति से हूं। इसलिए शादी नहीं कर सकती। उसने ब्रेकअप कर लिया और उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। इसे बेटा तुषार बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। मेरे बेटे को टॉर्चर करती थी सौम्या मंडी से नौकरी छूटने के बाद बेटा तुषार शिवम कलर लैब में नौकरी करने लगा। वहां सैलरी बहुत कम थी। जब ये बात सौम्या को मालूम पड़ी तो वो मेरे बेटे को टॉर्चर करने लगी। वह उसे बहुत परेशान करती थी। मेरा बेटा सौम्या से इतनी मोहब्बत करता था कि मैंने किसी में ऐसा पागलपन नहीं देखा। बेटा कहता था मम्मी मैं आशिकी-2 का हीराे हूं जब भी सौम्या की बात होती तो कहता था मम्मी मैं आशिकी-2 का हीराे हूं। मैंने समझाया भी कि ऐसी बातें नहीं करते। मगर वो कहता था कि सौम्या से बहुत प्यार करता हूं। मैं उसके बिना जी नहीं सकता। मगर सौम्या तो सिर्फ पैसे के लिए सब करती थी। अगर प्यार करती तो बेटा ऐसा कदम नहीं उठाता। दोस्त ने आखिरी बार कराई थी दोनों की मुलाकात तुषार के दोस्त ऋषि तिवारी ने बताया- पिछले कुछ समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। सौम्या ने ब्रेकअप कर लिया था और साथ रहने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत मेरे जरिए ही हो रही थी। तुषार ने मुझसे कहा था कि एक बार आखिरी मुलाकात करवा दो। मैंने सौम्या से बात की तो वह मान गई। 6 फरवरी को मैं ही सौम्या को लेने गया और तुषार के घर पर छोड़ दिया। इसके बाद मैं वहां से चला गया। सौम्या पर्स लेने गई तो तुषार फंदे पर लटका मिला दोस्त ऋषि तिवारी के मुताबिक बाद में सौम्या ने उसे बताया कि उसने तुषार के साथ रहने से मना कर दिया है। वह घर जा रही है। थोड़ी देर बाद उसे पता चला कि वह अपना पर्स तुषार के घर पर भूल आई है। जब वो पर्स लेने गई तो तुषार वहां पर फंदे पर लटका हुआ था। सौम्या ने ही तुषार को फंदे से नीचे उतारा और इसके बाद मुझे कॉल किया। सूचना मिलते ही मैं अपने दोस्तों के साथ मौके पर पहुंचा। इसके बाद तुषार को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां बोलीं- पता होता तो छोड़कर न जाती मां किरन ने बताया- 6 फरवरी को मैं अपनी बेटी के घर पर गई थी। बेटा घर पर अकेला था। अगर मुझे मालूम होता तो मैं अपने बच्चे को पकड़कर बैठ जाती। सौम्या को पास में भटकने ही नहीं देती कि तू मेरे बच्चे को मारने आ रही है। इसने मेरे बेटे का मर्डर किया है। ये अकेले कैसे उसे फंदे से उतार सकती है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि 15 मिनट में उसने मिल भी लिया, फांसी भी लगा ली, फंदे से उतार भी लिया। मेरे बेटे तुषार का मर्डर हुआ है मेरे बेटे तुषार का मर्डर किया गया है। सौम्या ने ही उसे मार डाला। वो बोल रही है कि मैं चली गई। मगर वो कहीं नहीं गई, उसी ने मेरे बेटे को मारा है। मेरा बेटा इतना कमजोर नहीं था। वो सुसाइड कर लेता। मरने के बाद इसका न तो फोन आया और न ही ये घर पर आई।
बचपन में पिता की मौत हो गई थी किरन ने बताया- जब बेटा तुषार 7 साल का था। इसके पापा की मौत हो गई थी। मैंने उसे मां और बाप बनकर पाला। मैं चाहती हूं कि अब पता चला कि मेरा बेटा कैसे मरा। इसने बेटे के साथ क्या किया? मैं जानना चाहती हूं अंतिम समय में क्या हुआ? तुषार कहता था बहुत बड़ा आदमी बनूंगा मरने से 2 दिन पहले बेटा मोबाइल पर कुंडली देख रहा था। कह रह रहा था कि मैं बहुत बड़ा आदमी बनूंगा। कुंडली में विदेश जाने का योग है। मैं बिजनेस करुंगा। लेकिन मुझे पता ही नहीं था कि इतना बड़ा आदमी बनेगा कि दो दिन में ऊपर ही चला जाएगा। दो भाइयों में तुषार छोटा था। बड़ा भाई अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। जबकि बड़ी बहन पूजा की शादी हो चुकी है। वो भी झांसी में रहती हैं। …………. ये भी पढ़ें- ‘दामाद प्यार करता तो सास क्यों छोड़ देती’:अलीगढ़ में जीजा ने पूछा- बिहार ले जाकर शादी क्यों नहीं की, वो झूठा
‘मुझे दामाद के साथ भागने का पछतावा है। मैं बच्चों को छोड़कर गई थी। अब अकेले रहना चाहती हूं, मेहनत-मजदूरी करके पेट पाल लूंगी।’ ये कहना है बेटी की शादी से पहले दामाद के साथ भागने वाली सास सपना देवी का। 10 महीने बाद वह अलीगढ़ के दादो थाने पहुंच गईं। रिश्तों के तानेबाने में उलझी सपना देवी पर दामाद राहुल ने आरोप लगाया कि वो मुझे छोड़कर अब अपने जीजा देवेंद्र के साथ रहना चाहती है। पढ़िए पूरी खबर…