“15 मार्च की रात 9 बजे भाभी ने भैया को फोन किया था। करीब 12 मिनट बात हुई। भैया ने कहा था कि अपना और बेटी का ख्याल रखना। मैं अप्रैल के फर्स्ट वीक में आऊंगा। फिर घूमने चलेंगे। भैया परिवार की शान थे। अब वो नहीं रहे।” ये कहना कि पटना के अभिमन्यु शर्मा का, जिनके भाई अभिषेक शर्मा की यूपी के गाजियाबाद में गार्ड ने 16 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी थी। अभिषेक गाजियाबाद में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर थे। अभिमन्यु, मंगलवार को पटना से दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से भाई का शव लेने पहुंचे थे। आज बख्तियारपुर के लखीपुर में बैंक मैनेजर का आज यानी बुधवार की सुबह अंतिम संस्कार किया गया। अभिमन्यु शर्मा ने कहा, ‘मेरी भाभी प्रेग्नेंट है। उन्हें जब भइया की मौत की जानकारी मिली तो वह बेहोश हो गई। भैया यहां अफसर बनकर आए थे। आज उनकी लाश कफन में लेकर जा रहा हूं। यह दिन कभी नहीं भूल पाऊंगा।’ भाई बोले- भैया हर रोज फोन करते थे पटना जिले के लखीपुर निवासी अभिमन्यु शर्मा ने बताया, ‘मेरे पिता संजय शर्मा किसान हैं। बड़े भाई ने बैंक के PO की तैयारी शुरू की। 2016 में बड़े भैया का सिलेक्शन बैंक में PO के पद पर हुआ था। भैया की बैंक में नौकरी लगते ही घर में सब लोग खुश हो गए। पहली पोस्टिंग पंजाब के होशियापुर में मिली। उसके बाद वह हेड ऑफिस किदवई नगर दिल्ली में तैनात रहे। यहां से ट्रांसफर हुआ। फिर जोनल ऑफिस नोएडा जॉइन किया।” बैंक मैनेजर के भाई ने बताया, “अगस्त, 2025 में गाजियाबाद के लोनी बार्डर स्थित बलराम नगर में पंजाब एंड सिंध बैंक में सीनियर मैनेजर के पद पर पहुंचे। अभिषेक भैया रात में सोने से पहले रोज रात में 9 बजे भाभी, मां और परिवार के बाकी लोगों से बात करते थे। घटना से पहले वाली 15 मार्च की रात भैया ने राधिका भाभी से फोन पर बात की। उनसे कहा था कि 27 जून को बेटी परी का जन्मदिन है। इस बार हमारी परी 2 साल की हो जाएगी। उस दिन हम लोग घूमने चलेंगे।” भाभी प्रेग्नेंट हैं, मौत की खबर सुनकर बेहोश हो गईं अभिमन्यु ने बताया, “11 मई, 2022 को बड़े भाई अभिषेक शर्मा की शादी राधिका के साथ हुई। उनकी 2 साल की एक बेटी है। राधिका भाभी इस समय 2 महीने की गर्भवती हैं। वह मौत की खबर सुनकर बेहोश हो गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। भैया को अपने काम और ड्यूटी से बहुत लगाव था। पूरे परिवार को उन पर गर्व था। वह हमारे और परिवार के लिए सबकुछ थे। लेकिन आज हमारा सब कुछ चला गया। वहीं, बैंक के स्टाफ ने बताया कि मैनेजर अभिषेक किराए पर रह रहे थे। रोज सुबह उठने के बाद वह मॉर्निंग वाक करते थे। उसके बाद समय से बैंक पहुंचते थे। बैंक में कई बार देर शाम तक भी ऑफिस में ही काम करते थे।” चाचा बोले- पहले एक्सीडेंट की खबर मिली, फिर गोली मारने की मृतक के चाचा रामप्रकाश शर्मा ने बताया, “वो 2 साल से गाजियाबाद दिल्ली में रह रहे थे। पहले चंडीगढ़ में थे। पत्नी का नाम राधिका है, वो भी दिल्ली में ही है। ससुराल मोकामा में है। हमें पता चला कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। फिर पता चला कि गोली मारी गई है।” चाचा ने बताया, “गांव में माता-पिता रहते हैं। अभिषेक पत्नी के साथ दिल्ली में ही रहता था। अभी मायके में किसी की शादी थी तो आई थी। 6 मार्च को ही गई है। दोनों को डेढ़ साल की एक लड़की है। पढ़ाई लिखाई सब यहीं से हुई है। नौकरी 2016 में लगी थी।” घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… अब जानिए बैंक मैनेजर को गार्ड ने क्यों मारी गोली… गार्ड बोला- बैंक मैनेजर मेरी इज्जत नहीं करता था बैंक मैनेजर की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार गार्ड रवीन्द्र हुड्डा का कहना है कि वो बागपत का रहने वाला है। तीन-चार महीने से बैंक में गार्ड हूं। मैं पहले फौजी था। 21 साल देश की सेवा की। बॉर्डर पर तैनात रहा। छुट्टी मांगी तो छुट्टी के दिन भी कॉल करके मुझे डांटा। उम्र में मुझसे अभिषेक 14 साल छोटा था। 34 साल का बैंक मैनेजर तू-तड़ाक करता था। मुझे गार्ड साहब नहीं बोलता था। वो कहता था ऐ रवींद्र, इधर सुन…। महिला कर्मचारी के सामने भी मुझे तेज आवाज में बुलाता था। बेइज्जत करता था। मैंने 2018 में सेना से वीआरएस लिया था। सैलरी बढ़ाने के लिए कई बार कहा, पर मैनेजर ने ध्यान नहीं दिया। ये बर्दाश्त नहीं हुआ। इसलिए हत्या कर दी। गार्ड बोला- मैं ऊंची आवाज नहीं सुन सकता इसलिए गोली मार दी आरोपी गार्ड ने बताया कि, सोमवार को सुबह 9:58 बजे बैंक खुला, लेकिन उस समय तक गार्ड नहीं आया। मैनेजर अभिषेक शर्मा 10 बजे बैंक पहुंचे। 10:10 बजे उन्होंने गार्ड रवींद्र को कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा। फिर दूसरी कॉल की। तब उसने फोन उठाया। रवींद्र के मुताबिक बैंक मैनेजर ने कहा- बैंक नहीं आया क्या? उसने कहा- साहब, शनिवार को मैं बताकर गया था कि सोमवार को मुझे छुट्टी चाहिए। इस पर मैनेजर ने कहा कि छुट्टी से कोई मतलब नहीं। रवींद्र ने कहा कि मेरी सैलरी कम है, मैं बागपत से रोज आता हूं। मैनेजर ने रफ अंदाज में कहा- आइए और यहां ड्यूटी करिए। दोपहर 12:45 बजे गार्ड बैंक पहुंचा। वह हाफ पैंट और टी-शर्ट में था। मैनेजर ने कहा कि ड्रेस कहां है, यह क्या तरीका है बैंक आने का? फिर कुछ मिनट तक बहस हुई। रवींद्र हुड्डा ने कहा- मैं ऊंची आवाज नहीं सुन सकता। उसके बाद सीने में गोली मार दी।